- मुश्किल घड़ी: ग्वालियर में आए दो ऑक्सीजन टैंकर, जेएएच में दो दिन और निजी अस्पतालों में 9 घंटे हो सकेगी आपूर्ति

Gwalior Corona Virus News : ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना संक्रमण की महामारी में अब ऑक्सीजन और रेमडेसिविर की कमी ने बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है। रोज बैठकों से लेकर इंटरनेट मीडिया पर अपने बयान जारी करने वाले माननीय न ऑक्सीजन दिला पा रहे न रेमडेसिविर का संकट दूर कर पा रहे। बुधवार दोपहर तक अगर ग्वालियर में ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं आई होती तो स्थिति बिगड़ सकती थी। अब भी दो टैंकर आए हैं, जिसमें 15 टन का टैंकर जेएएच के लिए और 9 टन का टैंकर निजी अस्पतालों के लिए है। उधर मंगलवार को विशेष विमान से आए पूरे रेमडेसिविर बंट गए, लेकिन बुधवार के लिए एक इंजेक्शन नहीं मिला। निजी अस्तपालों की चौखटों से लेकर मेडिकल स्टोर व कलेक्ट्रेट तक लोग पांच से 10 घंटे इंतजार कर रहे हैं।

दो टैंकर: एक दो दिन काम चलाएगा, एक नौ घंटे

ग्वालियर में ऑक्सीजन का संकट अब बढ़ गया है। मंगलवार से दो टैंकर आने का इंतजार हो रहा था जो आए लेकिन ज्यादा ऑक्सीजन नहीं लाए हैं,यह छोटे वाले टैंकर हैं। जेएएच के लिए 15 टन ऑक्सीजन का टैंकर अनलोड कराया गया जो कि सुपर स्पेशियलिटी के मरीजों के लिए 2 दिन का कोटा है। वहीं निजी अस्तपालों के लिए छोटा टैंकर जो कि 9 घंटे तक सप्लाई की आपूर्ति कर पाएगा, यह नाकाफी है।

रेमडेसिविर: सुबह से इंतजार, हमको एक ही दे दो साहब

ग्वालियर में लगातार रेमडेसिविर के कम कोटे के कारण जरूरतमंद परेशान हो रहे हैं। बुधवार को ग्वालियर के लिए एक भी इंजेक्शन की सप्लाई नहीं भेजी गई और अफसर इंतजार करते रहे। नौबत यह थी कि कलेक्ट्रेट में सुबह 10 बजे से लोग इंतजार कर रहे थे और शाम सात बजे तक कोई एक तो कोई दो इंजेक्शन के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा था। खुद ऊर्जा मंत्री मंगलवार को कलेक्ट्रेट में रेमडेसिविर बंटवा गए और पूरा कोटा खत्म हो गया। इस दौरान 650 इंजेक्शन बांटे गए।

आज से बुलेटिन जारी होगा, किसको कितने मिले

रेमडेसिविर को लेकर चल रही हायतौबा खत्म करने के लिए गुरुवार से यह जारी किया जाएगा कि किस निजी व सरकारी अस्पताल को कितने रेमडेसिविर इंजेक्शन दिए गए। अस्पताल ने कितने मांगे और कितने दिए गए, यह सब बुलेटिन में बताया जाएगा।

इंतजाम कराएं माननीय, निरीक्षण-बैठक तो बाद में हो जाएंगी

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रघुम्न सिंह तोमर को ग्वालियर में कोरोना नियंत्रण के लिए प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा ग्वालियर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर से लेकर माननीयों की पूरी भरमार है। प्रदेश की राजनीति में पावर सेंटर बतौर अपनी पहचान रखने वाले ग्वालियर-चंबल संभाग में ऑक्सीजन से लेकर दवाओं तक की कमी चौंकाती है। ऊर्जा मंत्री लगातार कोरोना नियंत्रण को लेकर निगरानी कर रहे हैं, लेकिन बैठक-निरीक्षणों से ज्यादा जरूरी मरीजों के लिए ऑक्सीजन और दवा है। इनकी सप्लाई बढ़ाने और शासन स्तर पर जोर लगाने का काम और कौन करेगा।

Posted By: anil.tomar

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