मदद: योग विशेषज्ञ पाजिटिव मरीजों को हर सुबह घर बैठे करा रहे योग, मजबूत करा रहे इम्युनिटी

Gwalior Corona virus News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में आए शहरवासियों तक योग गुरु पहुंच चुके हैं। वे पाजिटिव मरीजों को सुबह की पहली किरण के साथ घर बैठे योग क्रियाएं करा रहे हैं, साथ ही ऐसे नुस्खे बता रहे हैं, जो उनकी इम्युनिटी को मजबूत कर सके। सोहम केंद्र के योग विशेषज्ञ कुलदीप कुमार ने बताया कि गत वर्ष जब कोरोना शुरू हुआ था तब मरीजों की संख्या सीमित थी। वे घरों से दूर थे और उन्हें सुबह के समय योग क्रियाएं कराई गईं। इस बार संख्या अधिक है और लगभग 80 प्रतिशत पाजिटिव मरीजों ने खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है। पाजिटिव मरीजों को वे अपनी तरफ से नि:शुल्क आनलाइन सेवाएं दे रहे हैं। वे कहते हैं संक्रमण अब पाजिटिवों को कुछ दिनों के लिए परेशान नहीं कर रहा है, बल्कि शरीर के अंदरूनी हिस्से को डैमेज कर रहा है। यही वजह है मृत्युदर लगातार बढ़ती जा रही है। योग विशेषज्ञ कुलदीप कहते हैं कोरोना की स्थिति में क्वारंटाइन की स्थिति में निरंतर योग किया जाए तो आक्सीजन कम होने की समस्य से निजात पाई जा सकती है।

थोड़ी सी कोशिश से डेटा किया एकत्रित

योग गुरु तरुण शर्मा का कहना है पाजिटिव मरीजों तक आनलाइन पहुंचने के लिए उन्होंने डेटा एकत्रित किया। उन्होंने बताया योग विशेषज्ञ होने के कारण उनसे शहर के कई लोग जुड़े हुए हैं। कोरोना की शुरुआत के साथ इम्युनिटी को मजबूत करने की बात उठी थी, जो शहरवासी उनके संपर्क में थे उन्होंने पाजिटिव मरीजों के कान्टेक्ट नंबर उपलब्ध कराए। उनकी योग कक्षा हर दिन की सुबह छह बजे शुरू होती है। उन्होंने बताया पाजिटिव के परिवारों को नीम गिलोय का काढ़ा, तुलसी लान्ग और फलहारी नमक के सेवन की सलाह दी जा रही है। साथ ही बोल दिया है कि वे अधिक मसाले वाली सब्जा को खाना बंद कर दें। खास बात यह है इस कक्षा में स्वस्थ व्यक्ति भी शामिल हो रहे हैं।

कक्षा में इस तरह से बढ़ाई जा रही है इम्युनिटी

फैफड़ों को स्वस्थ रखने: विशेषज्ञों का कहना है फैफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए हर दिन 15 से 20 मिनट गौ मुख आसन, अर्द्धचक्र आसन, सर्पा आसन, हस्तोत्तानासन, पर्वत आसन साथ ही सूर्य नमस्कार के तीन-तीन चरण कराए जा रहे हैं

हृदय के लिए: हृदय को स्वस्थ रखने के लिए श्वसाशन, ध्यान, प्राणायाम, अनलोम-विलोम, गहरी श्वांस-प्रश्वांस, नाड़ी शोधन कराया जा रहा है।

आक्सीजन की मात्रा बरकरार रखने: आक्सीजन का लेवल बरकरार रखने के लिए मरीजों को भस्त्रिका, कपालभाति, प्राणायाम, अनलोम-विलोम, गहरी श्वांस-प्रश्वांस, नाड़ी शोधन क्रियाएं कराई जा रही हैं। मरीजों को बताया जा रहा है अगर उन्हें घबराहट होती है तो भ्रामरी प्राणायाम दिन में भी कर सकते हैं।

Posted By: anil.tomar

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