ग्वालियर Gwalior Coronavirus Update । कोरोना की जांच में ग्वालियर फिसड्डी साबित हुआ। प्रदेश के 52 जिलों में ग्वालियर को दूसरा स्थान है जहां पर सबसे कम कोरोना जांच की गईं। पहले नंबर पर आगर मालवा जिला आया है। यह आंकलन पिछले सात दिन के सैंपलों के आधार पर किया गया है। 13 से 19 अक्टूबर के बीच किए गए सैंपल में ग्वालियर 51 वें नंबर पर खड़ा नजर आ रहा है। जबकि ग्वालियर की आबादी 20 लाख होने के बाद भी यहां पर जांच कम हो रही हैं। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने चिंता जाहिर की है। इसके साथ ही जिले के स्वास्थ्य महकमे और जेएएच समूह को जांच सैंपल बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। सैंपलिंक कम होने से कोरोना संक्रमितों का ग्राफ भी तेजी से गिरा है। यह ग्राफ आने वाले समय के लिए बुरा संकेत भी हो सकता है।

कोरोना के 2 हजार सैंपल होना थे पर हुए आधे-

भोपाल से मिले निर्देश पर हर दिन जिले में 2 हजार कोरोना सैंपल किए जाने थे। एक हजार सैंपल रैपिड एंटीजन और एक हजार सैंपल आरटीपीसीआर के लिए निर्धारित किए गए थे। लेकिन यह आंकड़ा कोसों दूर छूट गया। जिला अस्पताल व जेएएच को मिलाकर रैपिड एंटीजन टेस्ट प्रतिदिन महज 479 हुए जबकि जेएएच में हो रही आरटीपीसीआर सैंपल की संख्या 570 है, जो निर्धारित मापदंड से काफी कम है।

ओपीडी में हर दिन 2 हजार से अधिक मरीज-

जेएएच के माधव डिस्पेंसरी में चलने वाली ओपीडी की बात करें तो हर दिन यहां पर करीब 1500 मरीज इलाज लेने पहुंच रहे हैं। जबकि जिला अस्पताल सहित अन्य फीवर क्लीनिक की बात करें तो वहां पर भी करीब 500 से अधिक मरीज इलाज लेने पहुंचते हैं। लेकिन कोरोना की जांच की बात करें तो वह महज 1049 लोगों की ही की जा रही हैं। ग्वालियर से अच्छी स्थिति अंचल के सभी जिलों की है। केवल भिंड रैपिड एंटीजन टेस्ट में पिछड़ गया, लेकिन आरटीपीसीआर में बढ़त बनाई है।

क्यों घटे सैंपल-

कोरोना जांच के सैंपल अक्टूबर महीने में अचानक से घट गए। जबकि शासन के निर्देश के अनुसार जांच सैंपल बढ़ाए जाने थे। लेकिन सरकारी निर्देशों को एक ओर रखकर सैंपलों की संख्या घट गई। स्वास्थ्य विभाग व जेएएच समूह कोरोना जांच सैंपल करने में कंजूसी क्यों और किसके कहने पर कर रहा है इसका जबाव शायद किसी के पास नहीं है। लेकिन सैंपलिंग कम होने से कोरोना संक्रमितों की संख्या में जस्र्र कमी आई है। इससे लोग फीलगुड कर रहे, जिससे लापरवाही बढ़ने लगी है। कोरोना से बचने के लिए मास्क, शारीरिक दूरी का पालन करना भी घट गया , बाजारों में भीड़ उमड़ रही है जो आने वाले समय के लिए घातक हो सकती है।

- अस्पताल में जो भी कोरोना की जांच के लिए आते हैं उनका किया जाता है। अब लोग ही कोरेाना की जांच न करवाएं तो क्या करें। अस्पताल में रैपिड व आरटीपीसीआर दोंनो पद्दती से कोरोना की जांच की जा रही है,किसी को नहीं मना किया जाता। - डॉ. आरकेएस धाकड़ ,अधीक्षक जेएएच

Posted By: Sandeep Chourey

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