- कोर्ट रूम के बाहर खड़े रहे अधिवक्ता, कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे अधिवक्ताओं को भी रोका, चार अधिवक्ता पहुंचे तो उन्हें नोटिस जारी किया

Gwalior Court News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हाई कोर्ट से गुरुवार को न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव सेवानिवृत्त हो गए। उनकी सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में कोर्ट रूम नंबर दो में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में न्यायमूर्ति व हाई कोर्ट के कर्मचारी मौजूद रहे, लेकिन ग्वालियर के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि विदाई समारोह में वकील नहीं पहुंचे। कोई वकील कार्यक्रम में उपस्थित न हो जाए, उसको लेकर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व अधिवक्ता दो नंबर कोर्ट रूम के बाहर खड़े रहे। जो अधिवक्ता कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, उन्हें समझाया गया, लेकिन चार अधिवक्ता कार्यक्रम में शामिल हो गए, उन्हें बार के सचिव सहित अन्य पदाधिकारियों ने हाथ जोड़कर मनाने भी गए, लेकिन उन्होंने सवाल किया कि ऐसा वाजिब कारण बताएं, जिसके चलते बार ने इतना बड़ा फैसला लिया। सचिव ने जवाब दिया की इंटरनेट मीडिया पर पूरा कारण डाल दिया है। उसे पढ़ लें। कार्यक्रम खत्म होने के बाद बार ने चारों अधिवक्ताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।

फेयरवेल आवेसन में बताया जाता है जज कार्य

- फेयरवेल आवेसन में प्रशासनिक न्यायमूर्ति व बार के अध्यक्ष, स्टेट बार काउंसिल के सदस्य, अतिरिक्त महाधिवक्ता सेवानिवृत न्यायमूर्ति के कार्य के बारे में बताते हैं। न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव के अावेसन में प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने उनके बारे में वक्तव दिया।

- फेयरवेल आवेसन कार्यक्रम होने के बाद वकीलों के साथ हाई टी का कार्यक्रम होता है। इन सब कार्यक्रम में वकील मौजूद नहीं रहे।

इस कारण किया बहिष्कार

- हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने जब कार्यक्रम बहिष्कार का पत्र जारी किया तो अधिवक्ताओं ने कारण पूछा शुरू कर दिया। मौखिक रूप से बताया गया। बहिष्कार के पीछे जो अारोप लगाए जा रहे थे। वह काफी गंभीर थे। बहिष्कार का कारण लिखित में बताने को कहा गया तो बार ने एक पत्र जारी किया, जिसमें बहिष्कार कारण लिखा। बैंच व बार के बीच संवादहीनता प्रमुख कारण बताया।

- बार ने बहिष्कार का लिखित कारण बताया कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जितेंद्र महेश्वरी का 12 नवंबर 2022 को सम्मान कार्यक्रम अायोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बार के सचिव दिलीप अवस्थी सहित अन्य पदाधिकारी प्रशासनिक न्यायमू्र्ति से मिलने गए थे। प्रशासनिक न्यायमूर्ति को तीन बार संदेश भेजा गया, लेकिन उन्होंने मुलाकात नहीं की। लंबे इंतजार के बाद बिना मुलाकात के लौट आए। बैंच व बा के बीच जो संवादहीनता बनी है, उसके चलते बहिष्कार का फैसला लिया गया।

- हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने एमएल स्वर्णकार, रघुवीर सिंह, रामशरण शर्मा, आनंद गुप्ता को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है। क्यों न आपकी बार की सदस्यता समाप्त कर दी जाए। ये चारो वकील कार्यक्रम में उपस्थित हुए थे।

इनका कहना है

- बैंच व बार के बीच संवादहीनता बढ़ी है। इस कारण विदाई समारोह में शामिल नहीं हुए। चार अधिवक्ता कार्यक्रम में पहुंचे, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। ग्वालियर के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा कि अावेसन कार्यक्रम में अधिवक्ता मौजूद नहीं रहे हैं।

दिलीप अवस्थी, सचिव हाई कोर्ट बार एसोसिएशन

Posted By: anil tomar

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