- हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआइ ने की थी जांच

- दुष्कर्म पीड़िता के साथ मुरार थाने में हुई थी मारपीट

Gwalior Court News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। विशेष सत्र न्यायालय ने सीबीआइ की उस खात्मा रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) को अस्वीकार कर दिया, जिसमें नाबालिग के साथ मारपीट कर दुष्कर्म करने वाले तीन आरोपितों को आरोप मुक्त कर दिया था। कोर्ट ने इस पूरे मामले को स्वत: संज्ञान में लेते हुए आरोपित गंगा सिंह भदौरिया, आदित्य सिंह भदौरिया व रामवीर का गिरफ्तारी वारंट जारी कर 10 दिसंबर को तलब किया है। पीड़िता के बयान के बाद कोर्ट ने खात्मा को स्वीकार किया है। सीबीआइ ने इस केस की जांच हाई कोर्ट के आदेश पर की थी। सीबीआइ ने अपने रिपोर्ट में दुष्कर्म व मारपीट का पुष्टी नहीं की थी।

31 जनवरी 2021 को 15 वर्षीय नाबालिग मुरार थाने में शिकायत करने पहुंची। नाबालिग की पीड़ा सुनने के बाद पुलिस ने उसे परेशान किया और मारपीट भी की। नाबालिग पर अपने बयान बदलने का दवाब बनाया गया। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस की लचर कार्रवाई रही। नाबालिग ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। थाने में उसके साथ जो व्यवहार किया गया, उस पीड़ा को हाई कोर्ट में बया की। 23 जून 2021 को जां. सीबीअाइ को सुपुर्द कर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन एएसपी सुमन गुर्जर, सीएसपी रामनरेश पचौरी, टीआइ अजय पवार, टीआइ प्रीति भार्गव, सब इंस्पेक्टर कीर्ति उपाध्याय पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे। एफआइआर के साथ ही इन्हें ग्वालियर जोन से बाहर स्थानांतरित किए जाने के आदेश दिए था। हालांकि पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफअाइअार करने के मामले में युगल पीठ से रोक लग गई थी। सीबीआई ने नाबालिग के साथ हुई मारपीट दुष्कर्म में जांच की। दुष्कर्म के केस को झूठा पाया। इस केस के आरोपित गंगा सिंह भदौरिया, आदित्य सिंह भदौरिया व रामवीर को क्लीन चिट दे दी। पीड़िता अपने अधिवक्ता रवी त्रिपाठी के साथ विशेष न्यायालय में उपस्थित हुई। उसने दुष्कर्म व मारपीट का आरोप लगाया। इस आधार पर खात्मा रिपोर्ट अस्वीकार कर दी।

Posted By: anil tomar

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