कीर जाति को पंजाब में आरक्षण मिलेगा, मध्य प्रदेश में नहीं

Gwalior Court News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हाई कोर्ट की एकलपीठ ने शुक्रवार को अशोकनगर विधायक जजपाल सिंह जज्जी के जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि जज्जी ने पंजाब में कीर जाति का जाति प्रमाण पत्र बनवाया था। पंजाब में कीर जाति को अनुसूचित जाति का आरक्षण मिलेगा, लेकिन मध्य प्रदेश में नहीं मिलेगा।

हाई पावर कास्ट स्क्रूटनी कमेटी ने पहले जाति प्रमाण पत्र निरस्त किया था, दूसरी बार में प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। कमेटी ने दबाव में आकर काम किया है। मध्य प्रदेश में गलत प्रमाण पत्र बनवाकर जज्जी ने चुनाव लड़ा है। जज्जी की ओर से तर्क दिया गया कि 50 साल पहले उनके दादा-परदादा मध्य प्रदेश आ गए थे। उन्हें यहां भी आरक्षण मिलेगा। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है। सोमवार तक इस याचिका पर फैसला आ सकता है। कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को आदेश दिया कि हाई पावर कास्ट स्क्रूटनी कमेटी का मूल रिकार्ड बंद लिफाफे में पेश करें।

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में जजपाल सिंह जज्जी कांग्रेस के टिकट से अशोकनगर विधानसभा सीट से चुनाव जीते थे। भाजपा से लड्डू राम कोरी चुनाव हार गए थे। चुनाव हारने के बाद लड्डू राम कोरी ने हाई कोर्ट में जज्जी के जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ याचिका दायर की। साथ ही चुनाव याचिका भी दायर की।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संगम जैन ने याचिका के साथ जजपाल सिंह के उन सभी जाति प्रमाण पत्रों को पेश किया, जो उन्होंने बनवाए हैं और कहा कि जज्जी को मध्य प्रदेश में आरक्षण नहीं दिया जा सकता है। वे मूलत: पंजाब के रहने वाले हैं। वहीं इनका प्रमाण पत्र बनेगा। उसी राज्य में लागू होगा। हाई कोर्ट ने जाति प्रमाण पत्र को लेकर दायर याचिका की पहले सुनवाई की। इस पर फैसला सुरक्षित कर लिया। ज्ञात है कि जजपाल सिंह जज्जी ने 2018 के निर्वाचन से इस्तीफा देकर 2020 में भाजपा के टिकट से उपचुनाव लड़ा और फिर से विधायक निर्वाचित हुए। अभी भाजपा विधायक हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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