ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। हाई कोर्ट की एकल पीठ के समक्ष एक शराब तस्कर ने सामुदायिक जन सेवा की भावना व्यक्त की। वह जेल से रिहाने के बाद जनसेवा करना चाहता है। कोर्ट ने उसे दस पौधे लगाने का आदेश दिया है। जेल से रिहा के 30 दिन के भीतर पौधे लगाने होंगे। हाई कोर्ट में पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश करनी होगी। उनकी देखरेख भी करनी होगी। साथ ही सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाने होंगे। पौधों की जियो टेगिंग करनी होगी।

डबरा थाना पुलिस ने कल्लू उर्फ चतुर सिंह जाट को 61 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया था। 4 जून 2022 से जेल में बंद था। जिला न्यायालय से जमानत खारिज होने के बाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की। उसकी ओर से तर्क दिया गया कि उसे झूठा फंसाया ह। विचारण में समय लगेगा। उसे जमानत पर रिहा किया जा। कोर्ट जो शर्त लगाएगा, उसका पालन किया जाएगा। सामुदायिक जनसेवा भी करना चाहता है। पुलिस की ओर से जमानत का विरोध किया गया। कोर्ट ने दस पौधो लगाने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि पौधों की प्रगति पर निगरानी रखना विचारण न्यायालय का कर्तव्य है क्योंकि पर्यावरण क्षरण के कारण मानव अस्तित्व दांव पर है और न्यायालय अनुपालन के बारे में आवेदक द्वारा दिखाई गई किसी भी लापरवाही को नजर अंदाज नही कर सकता है। इसलिए आवेदक को पेड़ों की प्रगति और आवेदक द्वारा अनुपालन के संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया जाता है । आवदेक द्वारा किए गए अनुपालन की एक संक्षप्ति रिपोर्ट इस न्यायालय के समक्ष प्रत्येक तीन माह में (अगले छ महीनों के लिए) रखी जाएगी। वृक्षारोपण में या पेड़ों की देखभाल में आवेदक की ओर से की गई कोई भी चूक आवेदक को जमानत का लाभ लेने से वंचित कर सकती है। आवेदक को अपनी पसंद के स्थान पर इन पौधों - पेड़ों को रोपने की स्वतंत्रता होगी. यदि वह इन रोपे गये पेडों की ट्री गार्ड या बाड़ लगाकर रक्षा करना चाहता है, तो वह अपने स्वयं के व्यय पर यह करने के लिये स्वतंत्र होगा।

Posted By: anil tomar

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