Gwalior Court News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। हाई कोर्ट की एकलपीठ ने ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक से उस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें कोर्ट ने आदेश दिया था कि पुलिस पीड़िता के बयान दर्ज कराए। पुलिस ने इस मामले पर ध्यान नहीं दिया। आरोपित ने फिर से जमानत याचिका दायर की। फरियादी का पांच हजार रुपये का जमानती वारंट जारी है, लेकिन पुलिस उसे गवाही के लिए उपस्थित नहीं करा पा रही है।

संजू श्रीवास्तव सहित तीन लोगों के खिलाफ झांसी रोड थाने में सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज है। पीड़िता ने एसपी के यहां शपथ पत्र देकर बताया था कि उसके साथ दुष्कर्म संजू श्रीवास्तव ने किया है। इसके आधार पर केस दर्ज कर 2019 में गिरफ्तार कर लिया। आरोपित पांच जमानत याचिका दायर कर चुका है। 28 अप्रैल 2021 को कोर्ट ने संजू श्रीवास्तव की जमानत याचिका खारिज करते हुए एसपी को आदेश दिया था कि फरियादी को गवाही के लिए कोर्ट में उपस्थित कराएं। 24 जून व 29 सितंबर को फरियादी को वारंट जारी हुए, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुई। इस आधार पर छठी बार जमानत याचिका दायर की। अधिवक्ता रजनीश शर्मा ने तर्क दिया कि संजू श्रीवास्तव 2019 से जेल में है। फरियादी गवाही के लिए उपस्थित नहीं हो रही है। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने उसकी गवाही कराने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई है। इसलिए जमानत पर रिहा किया जाए। पांच हजार रुपये का जमानती वारंट जारी है, उसकी भी तामील नहीं हुई है। कोर्ट ने 26 अक्टूबर को एसपी का स्पष्टीकरण मांगा है।

Posted By: anil.tomar

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