-दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने दी है एट्रोसिटीज एक्ट में गिरफ्तार को चुनौती

Gwalior Court News: ग्वालियर, (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हाई कोर्ट की एकल पीठ ने गुरुवार को उस मामले की सुनवाई की, जिसमें दतिया के पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने एट्रोसिटीज एक्ट(एससी-एचटी एक्ट) में गिरफ्तारी को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रतीप विसौरिया ने तर्क दिया कि सात साल से कम सजा वाले अपराध में सुप्रीम कोर्ट के दिए अर्नेस कुमार के केस का आदेश लागू होगा। इसलिए एट्रोसिटीज एक्ट में भी यह लागू होगा। तीन अलग-अलग हाई कोर्ट ने इस संबंध में अपने फैसले भी दिए हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता का तथ्य सुनने के बाद राज्य शासन को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

दतिया पुलिस ने राजेंद्र भारती को एट्रोसिटीज एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें सात दिन जेल रहना पड़ा था। पुलिस इस मामले में चालान भी पेश कर चुकी है। राजेंद्र भारती ने हाई कोर्ट में दो बिंदुओं को लेकर याचिका दायर की है। एट्रोसिटीज एक्ट के केस की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी से कराई जाना चाहिए, उससे नीचे की रैंक का अधिकारी मामले की जांच नहीं कर सकता है। उनके केस की जांच टीआइ ने की है। सुप्रीम कोर्ट ने अर्नेश कुमार केस में एक नियम बनाया था कि जिन केसों में सात साल की सजा है, उनमें तत्काल गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। अभियुक्त को पहले नोटिस देकर बुलाना होगा। यह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, तब गिरफ्तार किया जा सकता है। उनकी गिरफ्तारी में अर्नेश कुमार के केस की गाइड लाइन का उल्लंघन हुआ है। राज्य शासन ने इसका विरोध किया था कि एट्रोसिटीज एक्ट धारा 18 व 18 ए में अग्रिम जमानत का प्राविधान नहीं है। यह धारा गैर जमानती है। ऐसी स्थिति में एट्रोसिटीज एक्ट पर अर्नेश कुमार लागू नहीं होता है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से इस संबंध में कानून की जानकारी मांगी थी। प्रतीप विसोरिया ने कानून की जानकारी पेश की और कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया।

Posted By: vikash.pandey

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