Gwalior Court News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अपर सत्र न्यायालय ने हत्या के मामले में तीन आरोपितों को सजा सुनाई है। दो आरोपितों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है, लेकिन महिला आरोपित न्यायालय में उपस्थित नहीं हुई। कोर्ट ने सजा सुनाते हुए उसका गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। अपर लोक अभियोजक गिरीश शर्मा ने बताया कि 15 अगस्त 2015 को किला तलहटी में एक युवक का शव मिला था। यह दो दिनों से झाड़ियों में पड़ा था, जिससे दुर्गंध आने लगी थी।

शव की सूचना मिली तो मौके पर पड़ाव थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव के ऊपर चाकू के निशान थे और पत्थर से कुचला गया था। मृतक की पहचान नरेंद्र कुशवाह के रूप में हुई। वह डेयरी संचालक था। नरेंद्र कुशवाह के स्वजन ने बताया कि संजय रजक, मीना साहू, रामकृष्ण शुक्ला से उसका मिलना जुलना था। तीनों से पूछताछ की तो हत्या स्वीकार ली। प्रेम संबंधों के चलते नरेंद्र कुशवाह की हत्या की गई थी। पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया। सात साल में इस केस की ट्रायल खत्म हो गई। तीनों आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

विदिशा की घटना का विरोध, वनकर्मियों ने लौटाई बंदूकेंः विदिशा के लटेरी में डिप्टी रेंजर पर हुई कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को जिले के डीएफओ कार्यालय में वनकर्मियों ने बंदूकें लौटाकर रोष जताया। लगभग 80 वनकर्मियों ने अपनी बंदूकें लौटाईं, जिन्हें डीएफओ बृजेंद्र श्रीवास्तव के समक्ष जमा कराया गया। दोपहर को ग्वालियर वनमंडल के वनकर्मी सिटी सेंटर स्थित कार्यालय में एकत्रित होने लगे। यहां रेंजर स्तर के अधिकारी भी उपस्थित थे। वन कर्मियों ने एक एक करके अपनी बंदूकें टेबल पर रख जमा करना शुरू कर दीं। प्रदेश में कई वनमंडलों में वनकर्मियों का रोष सामने आ रहा है। वन कर्मियों का आक्रोश है कि वन विभाग को बंदूकें दी गईं हैं लेकिन अधिकार बराबर के नहीं दिए गए,इस कारण यह बंदूकें किसी काम की नहीं है।

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