• रेंज में स्वीकृत बल से 573 अतिरिक्त आरक्षक, सबसे ज्यादा 389 ग्वालियर जिले में

Gwalior Crime News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर रेंज के चार जिलों में स्वीकृत बल से 573 अधिक आरक्षकों की तैनाती है। ग्वालियर जिले में सबसे अधिक 389 अतिरिक्त जवान हैं, जबकि इंदौर व भोपाल सहित कई जिलों में स्वीकृत बल से कम की तैनाती है। इस अतिरिक्त बोझ के कारण ही अभिनेता अमिताभ बच्चन द्वारा गेम शो 'कौन बनेगा करोड़पति" में आरक्षक दंपती को एक जिले में पदस्थ करने की अपील करने के बाद भी यहां पोस्टिंग नहीं हो सकी। जिले में स्वीकृत बल से अधिक आरक्षकों की पोस्टिंग होने के बाद भी वारंट तामीली से लेकर रात्रि गश्त के लिए आरक्षकों की कमी से अफसर परेशान हैं। अब सवाल उठता है कि यह अतिरिक्त जवान कहां ड्यूटी कर रहे हैं। इस सवाल का जवाब देने अधिकारी सीधे बचते हैं, क्योंकि अफसरों के बंगलों व दफ्तरों में पात्रता से पांच गुना अधिक जवान जी-हजूरी करने में लगे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि तैनाती रजिस्टर में पात्रता के अनुसार बंगलों पर जवानों की तैनाती है। मौखिक आदेश पर पुलिस लाइन में तैनात नफरी (जवान) इन बंगलों पर बैगारी करने जाते हैं।

जिले में 2035 आरक्षकों की तैनाती हैः जिले में कुल 2035 आरक्षक स्वीकृत हैं। वर्तमान में 2424 जवानों की तैनाती है। कुल मिलाकर 389 अतिरिक्त जिला पुलिस को मिले हैं। रेंज के शिवपुरी, गुना व अशोकनगर जिले में स्वीकृत बल से अधिक की तैनाती है।

अफसरों के बंगलों पर पांच गुना अधिक जवानः पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर रैंक तक के अधिकारी को अर्दली की पात्रता है। अफसरों के बंगलों पर खाना बनाने से लेकर हर काम के लिए जवानों की तैनाती की जाती है। अफसरों के बंगलों पर पात्रता से पांच गुना अधिक जवानों की तैनाती है। यह जवान बागवानी से लेकर गाय-भैंस की देखभाल तक कर रहे हैं।

ऐसे बढ़े जवान-

- उत्तर प्रदेश व राजस्थान के सीमावर्ती जिले होने के कारण यहां के मूल निवासी जवान सिफारिशों से अपनी पोस्टिंग रेंज में करा लेते हैं। एक-एक, दो-दो कर अतिरिक्त जवानों की संख्या 500 से अधिक हो गई।

- पिछले एक दशक से प्रमोशन नहीं होने के कारण एसआइ से लेकर प्रधान आरक्षक की संख्या घट रही है, क्योंकि जवान व अधिकारी सेवानिवृत्त भी हो रहे हैं। इस समय 400 के लगभग प्रधान आरक्षक व एएसआइ की कमी है।

वेतन निकालने में आती है परेशानीः राज्य शासन से स्वीकृत आरक्षकों की संख्या के हिसाब वेतन निकलता है। 389 आरक्षकों का वेतन कुल पदस्थापना संख्या के आधार पर निकाला जाता हैं, क्योंकि हवलदार व एएसआइ पोस्टिंग स्वीकृत संख्या से कम है।

प्रमोशन प्रक्रिया शुरू होते ही समायोजन हो जाएगाः पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पदनाम संबंधी व्यवस्था शुरू होते ही प्रमोशन का इंतजार कर रहे प्रधान आरक्षक व एएसआइ का पदनाम मिल जाएगा, आरक्षक प्रधान आरक्षक हो जाएंगे। सिपाहियों की तैनाती में जो आरक्षकों की संख्या अधिक नजर आ रही वह समायोजित हो जाएगी।

आरक्षक दंपती की नहीं हो पाई तैनातीः मंदसौर जिले में पदस्थ आरक्षक विवेक परमार ने केबीसी में 25 लाख की राशि जीती थी। केबीसी में भाग लेने के लिए विवेक के साथ पत्नी प्रीति सिकरवार भी गई थीं। प्रीति भी पुलिस विभाग में आरक्षक हैं। प्रीति की पोस्टिंग ग्वालियर के इंदरगंज थाने में है। दंपती की एक जिले में पदस्थापना होने के नियम के बाद भी दोनों की अलग-अलग जिले में पदस्थापना है। आरक्षक दंपती ने यह दर्द केबीसी के मंच पर बयां किया तो अमिताभ बच्चन ने दोनों की एक ही जिले में पोस्टिंग करने का पुलिस मुख्यालय से अनुरोध किया। विवेक की इच्छा थी कि उनका स्थानांतरण ग्वालियर हो जाए, ताकि परिवार के साथ रह सकें। अमिताभ बच्चन के अनुरोध पर प्रीति सिकरवार को मंदसौर नारोकोटिक्स सेल मंदसौर में तीन साल के लिए प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया। जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। प्रीति सिकरवार ने एसपी से स्थानांतरण आदेश को निरस्त कराने का अनुरोध भी किया है।

रेंज में कहां कितने आरक्षक

जिला - स्वीकृत आरक्षक पद उपलब्ध आरक्षक - रिक्त - अतिरिक्त

ग्वालियर 2035, 2424 - 389

शिवपुरी 857 873 - 16

गुना 702 746 - 44

अशोक नगर 471 495 - 24

Posted By: vikash.pandey

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