Gwalior Crime News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। त्योहार का मौसम शुरू हो चुका है। अब त्योहार के दौरान बड़ी-बड़ी कंपनी से लेकर बैंक तक के नाम से फर्जी मैसेज भेजकर ठगी करने वाले ठग सक्रिय हो जाएंगे। लुभावने आफर के मैसेज भेजेंगे, खुद कंपनी और बैंक का प्रतिनिधि बनकर फोन करेंगे। छोटी सी लापरवाही भी, भारी पड़ जाएगी और कुछ ही देर में बैंक खाता खाली हो जाएगा। हर साल रक्षाबंधन से दीपावली के बीच लुभावने आफर का झांसा देकर ठगी की घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं। इसलिए ग्वालियर पुलिस ने भी इसे लेकर एडवायजरी जारी की है, इतना ही नहीं सायबर क्राइम अवेयरनैस प्रोग्राम चलाकर लाेगाें काे जागरूक कर रहे हैं। साथ ही ग्वालियर पुलिस के अफसर इन ठगों से बचने के तरीके भी स्कूल, कालेज और कोचिंग के छात्रों को जागरूक कर रहे हैं।

नईदुनिया ने इस तरह हुई घटनाओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया, तब सामने आया- पिछले साल अगस्त से नवंबर के बीच यानी रक्षाबंधन से दीपावली तक लुभावने आफर, लकी ड्रा सहित अन्य आफर का झांसा देकर ठगी की 37 घटनाएं हुई थीं। इनकी शिकायत क्राइम ब्रांच की साइबर सेल से लेकर राज्य सायबर सेल और शहर के अलग-अलग थानों में हुई थी। इसलिए आने वाले दो माह तक विशेष सावधानी रखने की जरूरत है।

ऐसे करते हैं ठगी:

-इस तरह ठगी करने वालों ने दिल्ली, हरियाणा से लेकर झारखंड, बिहार में फर्जी काल सेंटर बना रखे हैं। यह लोग मैसेजिंग एप के जरिये यह मैसेज करते हैं, जिसमें कंपनियों के नाम से ही यह मैसेज भेजते हैं। जिससे लोगों को लगे यह कंपनी की ओर से मैसेज भेजे गए हैं।

-इन मैसेज में फिशिंग लिंक के जरिए ठगी करते हैं, या फिर एनीडेस्क, एनएक्सटी जैसे एप डाउनलोड कराकर मोबाइल व पे-वालेट हैक कर लेते हैं, फिर पूरा बैंक खाता ही साफ कर देते हैं।

-यह लोग कंपनियों के प्रतिनिधि या बैंक कर्मचारी बनकर फोन करते हैं। इस समय यह लोग क्रेडिट कार्ड की लिमिट और लोन लिमिट बढ़वाने का झांसा देकर भी ठगी करते हैं। फोन कर बैंक खाता, आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर सहित ओटीपी पूछ लेते हैं। इसके बाद रुपये निकाल लेते हैं।

ऐसे बचें ठगाें के जाल से: साइबर सेल में पदस्थ सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि इस तरह की ठगी से बचने का तरीका सावधानी ही है। सबसे पहले अगर कोई मैसेज आया है तो कतई क्लिक न करें। यह लोग रिवार्ड पाइंट व लुभावने आफर का झांसा देते हैं। लिंक पर बिलकुल क्लिक न करें, इसके जरिये सबसे ज्यादा ठगी होती है। किसी भी अंजान व्यक्ति को बैंक खाता, आधार कार्ड नंबर, पैन कार्ड नंबर की जानकारी साझा न करें। हमेशा उस सिम को जरूर चालू रखें, जो बैंक खाते से लिंक है। कई लोग इन नंबरों को बंद कर लेते हैं। अगर ठगी हो जाए तो सीधे पुलिस के पास पहुंचे, जिससे रुपये फ्रीज कराए जा सकें।

वर्जन:

लुभावने आफर के बहाने ठगी की घटनाएं त्योहार के मौसम में तेजी से बढ़ती हैं, क्योंकि लोग खरीदारी करते हैं। इसलिए इससे बचने के लिए सावधानी जरूरी है। हमने एडवायजरी जारी करने के साथ ही स्कूल, कालेज, कोचिंग में लगातार लोगों को जागरुक करने साइबर क्राइम अवेयरनैस प्रोग्राम चलाया है। लगातार यह प्रोग्राम चलाएंगे। जो घटनाएं हुई हैं, उनके आरोपितों तक पहुंचने के लिए टीम पड़ताल कर रही हैं।

राजेश दंडोतिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

Posted By: vikash.pandey

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