ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर-भिंड की सीमा पर बसे चंदूपुरा व मिर्धा खेरिया में जहरीली शराब से प्रदीप , विजयराम परिहार के साथ शिवपुरी निवासी रवि आदिवासी की मौत जहरीली शराब से 2 अप्रैल को हुई थी। तीनों मृतकों की चिंता की आग ठंड़ी होने के साथ तेरहवीं भी हो गई। दो जिलों के अलावा आबकारी विभाग की टीम अब तक इस बात का पता नहीं लगा पाई है कि जानलेवा जहरीली शराब आई कहां से थी। महाराजपुरा थाना पुलिस ने प्रदीप व रवि की बिसरा रिपोर्ट आने के बाद गैर इरादतन हत्या व जहरीली शराब के दो अलग-अलग मामले में दर्ज किए हैं। तीसरे मृतक वृद्ध विजयराम परिहार के शव का पीएम नहीं होने के कारण प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। जबकि प्रदीप के साथ वृद्ध विजयराम ने शराब पी थी। जहरीली शराब बेचने वालों को पकड़ने के लिए रायरू डिस्टलरी व देशी शराब के ठेकेदार को क्लीन चिट देने में कोई विलंब नहीं किया।

होली की भाइदौज को पी थी शराब - होली की भाइदौज को चंदूपुरा गांव के माध्यमिक स्कूल के कैंपस में प्रदीप व विजयराम परिहार के साथ चार अन्य लोगों ने शराब पी थी। विजयराम की बुधवार की सुबह मौत होने के बाद सभी को इलाज के लिए जेएएच में भर्ती कराया था। रात में प्रदीप की भी मौत हो गई थी। अस्पताल भर्ती अन्य लोगों की जान तो बच गई। लेकिन दो की आंखों की रोशनी चली गई है। शुरुआती जांच में पता चला था कि प्रदीप मलानपुर से अवैध कच्ची शराब लाए थे।

बिसरा रिपोर्ट से हुई थी जहरीली शराब की पुष्टि- जहरीली शराब से मौते होने का हंगामा होने पर प्रदीप व रवि के शव का पीएम कराया गया था। बिसरा की जांच रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई थी कि दोनों की मौत जहरीली शराब से हुई थी।

दो जिलों की पुलिस व आबकारी महकमा फेल साबित हुआ- ग्वालियर व भिंड जिले के पुलिस के अलावा आबकारी विभाग की टीमें एक पखबाड़े में इस बात का पता नहीं लगा पाई है कि जहरीली शराब कहां से आई थी। जहरीली शराब का स्रोत पता नहीं चलने से अब भी जहरीली शराब का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि जिले के पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जहरीली शराब के लिए व्यापक स्तर पर मुहिम चलाई जा रही है। पिछले सप्ताह ही शिवपुरी से भिंड के मेहगांव में जा रही 5 लाख रुपये की कीमत जहरीली ओपी बरामद की थी। इसके अलावाप एक पखबाड़े में एक दर्जन से अधिक लोगों को जहरीली शराब के साथ पकड़ा है। इस सबके बीच सबसे बड़ा सवाल है कि तीन लोगों की जान लेने वाली जहरीली शराब कहां से आई थी। इस सवाल का जवाबआबकारी व पुलिस अधिकारियों के पास नहीं है।

Posted By: anil.tomar

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