ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। खाते से पैसा ठगी करने का एक और नया तरीका ठगों ने निकाल लिया है। इंजीनियर के खाते पर एक्सेस बैंक से ठग ने सात लाख का लोन पास कराया। लोन बंद कराने के नाम पर इंजीनियर से फार्म भरवाकर खाते से 8 लाख पार कर लिए। जब इंजीनियर को समझ आया तो बैंक और क्राइम ब्रांच पुलिस में शिकायत की। खाते से पैसा गुजरात की बेगम व राठौर के खाते में स्थानांतरित हुआ है। जिसकी पड़ताल में पुलिस जुट चुकी है।

थाटीपुर में रहने वाले सुरेन्द्र माथुर की इंजीनियर बेटी पलक माथुर बैंगलोर में एक कंपनी में कार्यरत है। कोविड के चलते वह लंबे समय से वर्क फ्राम होम कर रही है। उसके खाता एक्सेस बैंक में है जिसमें एक लाख रुपये जमा था। पलक ने बताया कि उसके रजिस्टर्ड मोबाइल पर 3 अगस्त को एक ओटीपी जनरेट हुआ था। जिसपर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद 6 अगस्त को किसी बेगम के नाम से ओटीपी आया तो उस पर भी ध्यान नहीं दिया। इसके बाद 8 अगस्त को उसे 44499851 नंबर से एक फोन आया। जिसने बताया कि मेरे क्रेडिट कार्ड पर कार्ड प्रोटेक्शन के नाम से रन कर रहा है। इसके बाद पुन: 9144094562 नंबर से काल आया और खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा कि आपके क्रेडिट कार्ड पर लोन के लिए आवेदन आया है। इसलिए बिल जनरेट होगा जिसका भुगतान आपको करना होगा। यदि आप लोन नहीं लेना चाहते हैं तो इस आवेदन का रद्द करना होगा। जिसके लिए मैं आपको बैंक की ओर से एक लिंक भेज रहा हूं जिसे आप डाउनलोड कर अपनी लोन की आवेदन काे रद्द कर दें। जैसे ही मोबाइल पर लिंक आया तो उसे खोलने पर एक फार्म खुला जिसे मैंने पहले भरने से इंकार किया तो फोन वाले व्यक्ति ने कहा कि फार्म नहीं भरोगे तो लोन पास हो जाएगा और उसे आपकाे चुकता करना होगा इसलिए उसे भरें। जैसे फार्म भरा तो एक ओटीपी आया जिसे बताते ही मेरे खाते से दो दो लाख कर पैसा निकलना शुरू हो गया। पहले तो मुझे समझ नहीं आया लेकिन जब मेरे खाते में जमा एक लाख रुपये भी निकल गए और बाद में जो 14 053 रुपये बचे थे वह भी निकाल लिए गए तो मुझे धोखाधड़ी की शंका हु ई जिस पर मैंने बैंक में संपर्क किया तो पता चला कि मेरे नाम से सात लाख रुपये का लोन है जिसे गुजरात की किसी बेगम व राठौर के नाम से खाते से पैसा निकाला गया। इसके बाद मैंने क्राइम ब्रांच में शिकायत की।

बैंक ने बिना कागज पत्री के दिया लोन-

बैंक से सात लाख रुपये का लोन पास हो गया। खाताधारक से न तो बैंक ने कोई दस्तावेज लिए और नहीं उसका भौतिक सत्यापन किया। पलक माथुर का कहना है कि जब किसी को हकीकत में लोन की आवश्यकता होती है तो बैंक के ढेरों नियम कायदे होते हैं। जिन्हें पूरा करने के लिए व्यक्ति परेशान हो जाता है और मेरे नाम से फर्जी लोन करने में बैंक वालों ने एक बार मुझसे मिलने या बात करने की जरुरत महसूस नहीं की। इसमें बैंक के अफसर भी इस धोखाधड़ी में शामिल हो सकते हैं।

इनका कहना है-

लोन निकालकर खाते से 8लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत आई। जिसमें खाताधारक को लोन देने से पहले बैंक की ओर से किस तरह का सत्यापन नहीं किया गया। इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है जल्द की बदमाश पकड़े जाएंगे।

राजेश दंडोतिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

Posted By: anil tomar

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