ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। उन्होंने आदेश में स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी या विज्ञापन कंपनियां किसी भी शासकीय अशासकीय संपत्ति को संबंधित विभाग या भवन स्वामी की अनुमति के बिना विरूपित करना प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही संपत्ति को स्याही, खड़िया रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित करके विरूपित करना दंडनीय होगा। ऐसा किये जाने पर संबंधित विभाग या भवन स्वामी के द्वारा संपत्ति विरूपण बावत थाने में प्रथम सूचना दर्ज कराई जा सकेगी।

जिला दंडाधिकारी ने यह आदेश त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के मकसद से जारी किया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण अधिनियम 1994 धारा 3 के अंतर्गत जो कोई भी व्यक्ति या उम्मीदवार शासकीय भवन या कोई भी संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुमति के बिना संपत्ति का विरूपण करेगा तो उसके खिलाफ एक हजार रुपये तक का जुर्माना होगा। इस अधिनियम के तहत दंडनीय कोई भी अपराध संज्ञेय होगा। संपत्ति के अंतर्गत कोई भी भवन झोपड़ी, संरचना, दीवार, वृक्ष, खम्बा(पोस्ट) स्तम्भ या कोई अन्य परिनिर्माण शामिल रहेगा।

कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी ने शासकीय विरूपित संपत्ति को पुन: मूल स्वरूप में लाने के लिए दल गठित किए हैं। इन दलों में संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी, नगर पुलिस अधीक्षक, बीएसएनएल के क्षेत्रीय एसडीओ, विद्युत वितरण कंपनी के सहायक यंत्री, संबंधित निकाय के क्षेत्रीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री मय कर्मचारियों तथा संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को शामिल किया गया है।

भवन स्वामी के साथ नगरीय निकाय की अनुमति भी लेनी होगी

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को निजी भवनों पर भी भवन स्वामी की लिखत सहमति और नगर निगम/स्थानीय निकाय की अनापत्ति प्राप्त करने के बाद ही झंडे, पोस्टर, बैनर, अस्थाई फ्लेक्स बोर्ड लगा सकेंगे और दीवार लेखन कर सकेंगे। इसके लिए जरूरी होगा कि प्रत्याशी को तीन दिन के अंदर नगर निगम द्वारा जारी की गई एनओसी के लिए जमा की गई राशि की रसीद भवन स्वामी द्वारा लिए जाने वाले किराए की रसीद और लिखावट पर किए गए व्यय की रसीद निर्धारित प्रोफार्मा में संलग्न कर रिटर्निंग ऑफीसर को प्रस्तुत करना होगा। उक्त झंडे, बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स इत्यादि पर कोई भी ऐसी बात नहीं लिखी जा सकेगी जो विभिन्न समुदायों में रोष उत्पन्न करती हो और लोक शांति भंग होती हो।

Posted By: anil.tomar

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