Gwalior Dharma Samaj News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। हर वर्ष पंचांग में सूर्य के उत्तरायण होने पर धनु मलमास समाप्त होने पर सभी प्रकार के मुहूर्तों पर लगा अवरोध खत्म हो जाता था। सामाजिक गतिविधियां तेज हो जाती थीं। सोना, चांदी, कपड़ा आदि का व्यापार भी बढ़ जाता था, लेकिन इस बार मलमास खत्म होने के बाद भी शहनाइयाें की गूंज सुनाई नहीं दे रही आैर बाजार से भीड़ गायब है। ज्योतिषाचार्य डा. हुकुमचंद जैन ने बताया कि इस बार पौष मलमास (धनु) समाप्त होने के बाद भी विवाह, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य के मुहूर्त नहीं बन रहे हैं। 17 जनवरी से 14 फरवरी 2021 तक गुरु अस्त रहेंगे। गुरु के अस्त होने पर विवाह आदि शुभ काम नहीं किए जाते हैं। क्योंकि कन्या के विवाह में उत्तम दांपत्य सुख, संतान सुख, धन एवं अन्य सुखों के लिए गुरु का बलवान होना आवश्यक है। वहीं 13 फरवरी से शुक्र अस्त हो जाएंगे, जो 18 अप्रैल तक अस्त रहेंगे। अत: विवाह, गृह प्रवेश, देव प्रतिष्ठा आदि बहुत सारे मुहूर्त इस समय नहीं होंगे। अगले मुहूर्त 22 अप्रैल के बाद शुरू होंगे। एेसे में विवाह आदि शुभ कार्यों के मुहूर्त का इस अवधि में धर्म व शास्त्रोक्त दृष्टि से अभाव ही रहेगा। जैन ने बताया कि इस बार अति आवश्यकता में बसंत पंचमी 16 फरवरी और फुलेरा दौज 15 मार्च को ही अबूझ मुहूर्त में विवाह किए जा सकते हैं।

2021 में 46 विवाह मुहूर्तः ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि जनवरी से मार्च तक गुरु व शुक्र ग्रह के अस्त रहने से मुहूर्त नहीं रहेंगे। 15 जनवरी 2021 को गुरु ग्रह अस्त हो चुका है और 12 फरवरी 2021 को उदय होंगे। हालांकि 16 फरवरी को बसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त वाले दिन खूब शादियां होंगी। 22 अप्रैल 2021 से दिसंबर 2021 तक करीब 46 विवाह मुहूर्त रहेंगे।

Posted By: vikash.pandey

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