-14 अगस्त को होगा आदिनाथ महामंडल विधान

ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। जो इंसान रिश्तों को धन-दौलत से तौलता है, वह जीवन में कभी सफल नहीं हो सकता। रिश्ते निभाने के लिए होते हैं, अमीरी-गरीबी के मोहताज नहीं होते। यह विचार सिद्धांत रत्न भारत गौरव गणिनी आर्यिकाश्री विशुद्धमती माताजी की शिष्य आर्यिकाश्री विकर्षमती माताजी ने मंगलवार को चम्पाबाग धर्मशाला में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

माताजी ने एक भाई-बहन का उदाहरण देते हुए बताया कि एक राज्य के राजकुमार ने अपने माता-पिता के निधन के बाद अपनी इकलौती बहन को बहुत लाड़-प्यार से पाला और एक राजकुमार के साथ धूमधाम के साथ उसका विवाह कर दिया। इसके बाद पाप कर्म के उदय से उसका सब कुछ खत्म हो गया। यहां तक कि खाने के भी लाले पड़ गए। बच्चों के खाने का भी इंतजाम करना मुश्किल हो गया। ऐसी स्थिति में उसकी पत्नी ने बहन से कुछ मदद लेने को कहा तो उसने भी सोचा कि इस बहाने बहन से भी मिलना हो जाएगा। वह पदयात्रा करते हुए बहन के यहां पहुँचा तो उसकी बहन ने उसे पहचानने से भी इंकार कर दिया और सुरक्षाकर्मियों से अपने भाई को महल से बाहर निकलवा दिया

माताजी ने बताया कि बहन के यहां से लौटने के बाद फिर युवक का समय बदला और दूसरे राज्य का राजा बन गया। उसकी बहन को जब ये पता चला तो उसने अनुचर भेजकर अपने भाई को बुलाया और उसके लिए 32 तरह के व्यंजन बनवाए। भाई पहुंचा तो बहन ने उससे माफी मांगते हुए उसे भोजन कराया, लेकिन भाई ने कोई शिकायत नहीं की। माताजी ने कहा कि कभी भी रिश्तों को धन-दौलत से नहीं तौलना चाहिए।

14 अगस्त को होगा आदिनाथ महामण्डल विधान

जैन समाज के प्रवक्ता ललित जैन ने बताया कि आर्यिकाश्री विशुद्धमती आर्यिका संघ के सानिध्य में 14 अगस्त को सुबह 7.30 बजे से चम्पाबाग मंदिर में श्री आदिनाथ विधान होगा। यह विधान डॉ. प. अभिषेक जैन दमोह कराएंगे। इस विधान के पुण्यार्जक राजकुमारी जैन, रुक्मिणी देवी जैन, पंकज छावड़ा, रेणु छावड़ा, नीरज छावड़ा, नीलिमा छावड़ा, डॉ. नीनू छावड़ा एवं जलज छाबड़ा परिवार हैं।

Posted By: anil tomar

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