Gwalior DRDE Lab Shifting News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। डीआरडीई की लैब का 50 मीटर दायरा निर्धारित करने के लिए सर्वे पूरा हो गया है। इस दायरे में करीब 16 सरकारी संपत्तियां आ रही है। महलगांव के सर्विस रोड का 200 मीटर का हिस्सा इसमें आएगा। अब सर्वे की फाइनस रिपोर्ट तैयार हो रही है, जिसे 23 अक्टूबर को एसडीएम झांसी रोड को सौंपी जा सकती है। इस रिपोर्ट को जांच के बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को भेजी जाएगी। रिपोर्ट की एक प्रति डीआरडीई ग्वालियर को भी दी जाएगी।

हाई कोर्ट की युगल पीठ ने डीआरडीई के 200 मीटर के दायरे में बनी सरकारी व निजी इमारतों पर कार्रवाई कर हटाने के आदेश दिए थे। शासन ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। इससे नौ हजार करोड़ की संपत्तियां टूटने से बच गई। इसके बाद डीआरडीई लैब को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए जमीन भी दे दी। डीआरडीई का प्रतिबंधित क्षेत्र 200 से घटाकर 50 मीटर किया जा रहा है, जिसको लेकर राजस्व विभाग सर्वे कर रहा था। सर्वे में संपत्तियों का निर्धारण किया जा रहा था। इस 50 मीटर दायरे में आने वाली 16 सरकारी संपित्तयां में एजी आफिस पुल, वर्कशाप, रेलवे लाइन, गोदाम, क्वार्टर, बाल भवन, टेनिस कोर्ट, स्टेडियम आ रहे हैं। साथ ही करीब 10 निजी संपत्तियों का आगे का हिस्सा भी इस दायरे में आ रहा है।

टीकाकरण केंद्र से गायब एएनएम सेवा से होगी पृथकः टीकाकरण की प्रगति देखने शुक्रवार को सीएमएचओ डा. मनीष शर्मा वार्ड 10 के आंगनवाड़ी केंद्र 84 पर पहुंचे। यहां तामेश्वर मंदिर के पास बनाए गए टीकाकरण केंद्र पर एएनएम धन देवी सिकरवार और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अनीता वाजपेयी अनुपस्थित मिलीं। वहीं आंगनवाड़ी सहायिका के बारे में नगर निगम कार्यालय जाना पता चला। सीएमएचओ ने कहा जिन पर टीकाकरण का दायित्व है वही केंद्र से गायब हैं, यह गंभीर लापरवाही है। उन्होंने एएनएम के नदारद मिलने की सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी को देते हुए उसे सेवा से पृथक करने के निर्देश दिए।

Posted By: vikash.pandey

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