Gwalior Emperor Mihir Bhoj statue controversy: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर के चिरवाई नाका पर स्थापित हुई स्म्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण के साथ शुरू हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। चूंकि जातिगत सद्भाव बिगड़ने की आशंका प्रबल है, ऐसे में ग्वालियर प्रशासन द्वारा बड़ा कदम उठाया गया है। गुरुवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक ग्वालियर के प्रतिवेदन से सहमत होते हुए दो प्रथक आदेश निकाले हैं।

सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के विवाद को लेकर धारा 144 लागू कर दी गई है, इसके साथ ही प्रकरण की स्पष्ट जांच के लिए चार सदस्यीय जांच दल का गठन भी किया गया है। आदेश में प्रमुख रूप से इंटरनेट मीडिया पर शुरू हुई अशोभनीय व अमर्यादित बहस पर लगाम कसने को प्रमुखता से इंगित किया गया है। गाैरतलब है कि आठ सितंबर को कंपू थाना क्षेत्र स्थित गिरवाई नाके पर नगर निगम द्वारा सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण किया गया था, तब से ही सम्राट मिहिर भोज किसके, इसे लेकर गुर्जर और क्षत्रिय समाज आमने-सामने की मुद्रा में हैं। चूंकि गुर्जर सम्राट के तौर पर प्रतिमा का अनावरण हुआ है। ऐसे में क्षत्रियों ने यह कहते हुए अपना मोर्चा बुलंद करना शुरू किया है कि अगर गुर्जरों के पुरखे राजा-रजवाड़े थे तो उन्हें आरक्षण छोड़ देना चाहिए। ट्विटर, फेसबुक, वाट्सएप समेत अन्य इंटरनेट मीडिया माध्यमों पर सम्राट मिहिर भोज को लेकर शुरू हुआ संग्राम लगतार बढ़ रहा है। आरक्षण का मुद्दा भी एक बार फिर गर्मा गया है।

भड़काऊ मैसेज इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करना प्रतिबंधित होगाः

-जिले की सीमा में उक्त घटना के दृष्टिगत किसी भी सार्वजनिक स्थल पर बिना अनुमति के अनावश्यक भीड़, धरना, प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी आदि प्रतिबंधित रहेगी।

-किसी भी व्यक्ति द्वारा विस्फोटक, हथियार, लाठी, डंडा, सरिया, फांवड़ा, बल्ला, हाकी आदि का अन्यथा प्रदर्शन, प्रयोग एवं धारण करना प्रतिबंधित रहेगा।

-किसी भी प्रकार के कट-आउट, बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स, झंडे आदि नहीं लगेंगे। जिन पर किसी भी धर्म, संप्रदाय, जाति या समुदाय के विरुद्घ नारे या भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल हुआ हो।

-किसी भी भवन, संपत्ति, मूर्ति या स्थल पर आपत्तिजनक भाषा अथवा भड़काऊ नारे लिखा जाना, तोड़फोड़ आदि करना प्रतिबंधित होगा।

-ध्वनि विस्तारक यंत्रों का आपत्तिजनकर इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा।

-किसी भी वर्ग, धर्म एवं संप्रदाय के विरुद्ध भड़काऊ पोस्ट फेसबुक, वाट्सएप आदि इंटरनेट मीडिया पर फारवर्ड करना प्रतिबंधित होगा।

(उपरोक्त आदेशों के उपल्लंघन पर भारतीय दंड विधान की धारा 188 एवं अन्य दण्डात्मक प्राविधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी)

ये करेंगे संपूर्ण प्रकरण की जांचः

-अनिल बनवारिया, एसडीएम, लश्कर

-आत्माराम शर्मा, सीएसपी, लश्कर

-प्रोफेसर एसके द्विवेदी, प्राध्यापक, हिस्ट्री डिपार्टमेंट, जीवाजी विश्वविद्यालय

-प्रोफेसर संजय स्वर्णकार, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष इतिहास, शासकीय केआरजी

Posted By: vikash.pandey

NaiDunia Local
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