Gwalior Excise Department News: वरुण शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। एक सितंबर से शराब दुकानाें से कैश मेमो दिए जाने का आदेश तो जारी हो गया, लेकिन अभी पूरी तरह पालन नहीं हुआ है। ग्वालियर में बड़ी शराब दुकानों ने तो शराब के बिल दिए, लेकिन छोटी शराब दुकानों ने ग्राहकों को बिल नहीं थमाए। जिन ग्राहकों ने बिल मांगा भी उनसे कहा जा रहा था कि अभी विभाग का आदेश नहीं आया है। कुछ दुकानें ऐसी भी हैं, जहां ठेकेदारों ने कैश मेमो के रजिस्टर ही नहीं भेजे हैं। प्रदेश में शराब की दुकानों पर एक सितंबर से खरीदी पर मिलने वाला हर कैश मेमो मैन्युअल दिए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। शराब दुकानदार को हर नग यानी छोटी-बड़ी बाेतल का कैश मेमो देना होगा। शराब को मनमाने दामों पर बेचने को रोकने के लिए यह पूरी कवायद की जा रही है। आबकारी आयुक्त राजीव चंद्र दुबे ने 19 अगस्त को आदेश जारी किया था, जिसमें शराब दुकानों से विक्रय के समय कैश मेमो दिए जाने को अनिवार्य किया है। एक सितंबर से शराब दुकान को ग्राहक को शराब का बिल अनिवार्य किया गया है। लाइसेंसधारी शराब विक्रेता कैश मेमो प्रिंट कराकर उसका प्रमाणीकरण कराएंगे। इसके बाद यह रसीद बुक उपयोग में लाई जाएगी।बिल बुक का उपयोग होने पर उसके काउंटर पार्ट या कार्बन कापी दुकानदार (लाइसेंस धारी) द्वारा शराब की ठेका अवधि समाप्त होने तक 31 मार्च 2022 तक रखना अनिवार्य होगा। शराब दुकानों पर अधिकृत अफसर के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि अगर कोई ज्यादा राशि वसूले तो उसकी शिकायत की जा सके।

सिटी सेंटर,फूलबाग,जिंसी नाला यहां दिए बिल,और जगह शिकायतः एक सितंबर से शराब खरीदने पर बिल की व्यवस्था को ठेकेदारों ने सभी दुकानों पर लागू नहीं कराया है। सिटी सेंटर शराब दुकान, फूलबाग दुकान और जिंसी नाला जैसी बडी शराब दुकानों पर बिल दिए गए, लेकिन जिन ग्राहकों ने नहीं मांगे,उन्हें अनिवार्य तौर पर बिल नहीं दिया जा रहा है। देसी शराब दुकानाें पर बिल की व्यवस्था कमजोर है।

Posted By: vikash.pandey

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