• मुरैना में पिछले सालों में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं, दूसरे जिलों में भी संभागीय उड़नदस्ते का यही हाल
  • ग्वालियर में एक्शन में आबकारी-पुलिस,ताबड़तोड़ छापेमारी

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुरैना शराब कांड में जहरीली शराब पीकर एक के बाद एक 14 की मौत के मामले में कोई और नहीं बल्कि आबकारी विभाग ही जिम्मेदार है। अवैध शराब,तस्करों की धरपकड़,कच्ची-जहरीली शराब का नेटवर्क ध्वस्त कर केस दर्ज कराने का जो जिम्मा संभागीय उड़नदस्ते के कंधे पर था,वही काम नहीं किया गया। मुख्यालय से ही सटे जिले मुरैना में संभागीय उड़नदस्ते ने पिछले लंबे समय से एक बड़ी कार्रवाई नहीं की,इससे अफसरों की भूमिका यहीं स्पष्ट हो जाती है। आबकारी विभाग का जिम्मेदारी से बचने के लिए हर विभाग की तरह घिसा-पिटा बहाना कि-बल नहीं है,वही सामने आया है,जबकि उड़नदस्ते के पास चार दरोगा, दो एडीओ और 15 सिपाही हैं। वहीं इस शराब कांड के बाद मंगलवार को ग्वालियर जिले में पनिहार और डबरा में बड़ी कार्रवाई कर कच्ची शराब के अडडे ध्वस्त किए गए और ट्रांसपोर्टर नगर में ट्रांसपोर्ट दफ्तरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर ओपी केमिकल की तलाश की गई।

मंगलवार: कच्ची शराब के ठिकानों पर रेड

1-कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और सहायक आयुक्त आबकारी संदीप शर्मा के निर्देशन में वीरपुर बांध क्षेत्र में आबकारी टीम ने दबिश दी। यहां 30 पाव, कच्ची के 15 पाउच जब्त किए और नयागांव-बरई में कंजरो के डेरे पर दबिश दी। यहां 60 ड्रम, 45 लीअर कच्ची हाथ भटटी मदिरा, 12 हजार लीटर गुड़ लाहन सैंपल लेकर नष्ट किया। जब्त माल की कीमत 6 लाख है। अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज किए।

2-डबरा में ग्राम नकटा पाटा कंजरों के डेरे पर ,ग्राम बांसी एवं चिरपुरा में और बिलौआ में ढ़ाबों पर कार्रवाई की। यहां 54 लीटर कच्ची हाथ भटटी मदिरा जब्त की और 11 लीटर गुड़ लाहन पकड़ा। कुल कीमत करीब 66 हजार रूपए है। 5 अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज किए गए।

ट्रांसपोर्ट नगर: ट्रांसपोर्टरों के यहां ओपी की सर्चिंग

आबकारी विभाग और पुलिस की ज्वाइंट टीम ने मंगलवार दोपहर ट्रांसपोर्ट नगर में ज्वाइंट सर्चिंग ट्रंासपोर्टरांे के यहां की। शराब बनाने में प्रयोग होने वाले ओपी केमिकल की तलाश थी कि कहीं गोदामों में माल तो नहीं रखा। टीम ने नवीन लॉजिस्टिक, पंडित ट्रांसपोर्ट, न्यू महावीर ट्रांसपोर्ट, एचआर ट्रंासपोर्ट, बाबा देवपुरी ट्रंासपोर्ट के यहां सघन जांच की गई।

संभागीय उड़नदस्ता: काम और लापरवाही

काम: संभागीय उड़नदस्ते के पास अपना बल है और यहां इसके प्रभारी आबकारी उपायुक्त शैलेश सिंह हैं। उड़नदस्ते पर दो एडीओ,चार दरोगा और 15 सिपाही का स्टाफ है। अवैध,कच्ची शराब पर रेड और तस्करों को पकड़ना यह मूल काम है।

लापरवाही: ग्वालियर सहित किसी भी जिले में कोई बड़ी कार्रवाई कच्ची शराब या अवैध शराब में नहीं की गई।

सीधी बात

शैलेश सिंह,उपायुक्त,आबकारी संभागीय उड़नदस्ता

स-मुरैना जिले में इतना बड़ा शराब कांड हो गया,संभागीय उड़नदस्ते ने कब अवैध व कच्ची शराब के मामले में कार्रवाई की थी?

ज- कार्रवाई की तो है,हम आपको कल बता देंगे।

स-मुरैना सहित पूरे आठों जिलों में अवैध शराब,कच्ची शराब को लेकर संभागीय उड़नदस्ता की सक्रियता नहीं दिखी,ऐसा क्यों?

ज-मुरैना में बल कम है, तीन एसआइ हैं और कोई नहीं है।

स-लगातार अवैध शराब व कच्ची शराब का कारोबार बढ़ रहा है,आबकारी विभाग पर सवालिया निशान लग रहे हैं,क्यों?

ज-समय समय पर कार्रवाई करते हैं,हम सहयोग के लिए अपना बल भेजते रहते हैं।

कार्रवाई हुई हैं

संभागीय उड़नदस्ते की कार्रवाई के आंकड़े निकलवा रहे हैं, संभाग के जिलों में कार्रवाई तो हुई हैं। मैं दिखवाता हूं

राजीव चंद्र दुबे,आयुक्त,आबकारी,मप्र

Posted By: anil.tomar

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