- कोर्ट ने दिया तलाक का आदेश

Gwalior Family Court: ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। कुटुंब न्यायालय ने एक तलाक का आवेदन स्वीकार करते हुए कहा कि जिस पिता के साथ बेटी सुरक्षित नहीं है, उसके साथ पत्नी का रहना भी सुरक्षित नहीं है। कोर्ट ने तलाक का आदेश दिया है। वर्ष 2018 में महिला ने पति से तलाक का आवेदन लगाया था, लेकिन पति पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुआ।

महिला की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विजय सुंदरम ने तर्क दिया कि आवेदनकर्ता का पति शराब का आदि है। अधिकतर समय यह नशे में रहता है। घर आने के बाद यह अपनी 13 साल की बेटी से भी छेड़छाड़ करता है। कपड़े उतारकर घूमता है। पति की इस हरकत की शिकायत थाने में भी की थी। पत्नी के साथ आए दिन क्रूरता करता है। आए दिन वह मारपीट करता है। उसके पति के साथ बेटी भी सुरक्षित नहीं है। हमेशा असुरक्षा का भाव लगा रहता है। महिला के तलाक के आवेदन पर उसके पति को नोटिस भेजा गया और वह एक बार उस्थित हुआ। उसके बाद से कोर्ट में जवाब देने नहीं आया और कई मौके भी दिए। कोर्ट ने तलाक का आदेश दिया है।

बच्चों का तय करें कौन रखेगा अपने साथ

बच्चों को लेकर एक पति-पत्नी का विवाद भी कुटुंब न्यायालय पहुंचा है। पति-पत्नी ने दूसरा विवाह रचाया था। पति के पास पहली पत्नी से दो बच्चे थे और पत्नी भी एक बच्चा था। शादी के बाद एक बच्चे का जन्म और हो गया। सौतेले बच्चों को लेकर दोनों के बीच विवाद होने लगे। पत्नी ने पति से अलग रहने के लिए भरण पोषण मांगा है, लेकिन इनके साथ बच्चे हैं, उनकी जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं था। काउंसिलिंग के बाद दोनों यह करने भेजा गया है कि बच्चों को कौन अपने साथ रखेगा।

- एक अन्य मामले में शादी मिला सामान पति ने पत्नी को लौटा दिया। लोडिंग भरकर सामान कोर्ट में लाया गया और पत्नी को सुपुर्द किया। दहेज दिए सामान को पत्नी वापस मांग रही थी। इस मामले में भी पति-पत्नी के बीच तलाक का केस चल रहा है।

Posted By: anil.tomar

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