ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को ध्यान में रखते हुए हजार बिस्तर के सी-ब्लाक को तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। शुक्रवार को जीआर मेडिकल कालेज के डीन डा. समीर गुप्ता, जेएएच अधीक्षक डा. आरकेएस धाकड़ हजार बिस्तर अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने सी-ब्लॉक में साफ-सफाई के निर्देश देते हुए ओटी का काम जल्द पूरा करने पीआइयू अफसरों से कहा।

डीन ने कहा एक सप्ताह में सी-ब्लॉक को पूरी तरह तैयार किया जाए, ताकि स्टोर में रखे बेड यहां डाले जा सकें। यदि कोरोना के मरीज आते हैं तो उन्हें यहां भर्ती कर इलाज दिया जा सके। ऑक्सीजन प्लांट पर बिजली समस्याके समाधान के लिए इंजीनियर शाम को पहुंचे। उन्होंने प्लांट को चालू किया तो बिजली ट्रिप कर गई। संधारण कार्य कर समस्या को दूर किया गया, अब प्लांट से ऑक्सीजन बनना शुरू हो गई है।

जेएएच प्रबंधन का कहना है फिलहाल सी-ब्लाक में बेड व सामान रखवा कर उस पर ताला लगवा दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उसमें मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जाएगा। समस्या यह है कि जो नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध है, वह जेएएच के लिए ही नाकाफी है। ऐसे में सी-ब्लाक में मरीज भर्ती नहीं किए जा सकते। स्टाफ भर्ती के लिए अभी भोपाल से कोई निर्देश नहीं मिले हैं।

छह माह से धूल खा रहे वैंटिलेटर, आइसीयू का काम भी अधूरा

दूसरी लहर के बाद हजीरा सिविल अस्पताल में उपलब्ध कराए गए 13 वैंटिलेटर धूल खा रहे हैं, क्योंकि अस्पताल के आइसीयू का काम अधूरा है। इस कारण से आइसीयू चालू नहीं किया जा सकता। ऐसे में गंभीर मरीजों को भर्ती नहीं किया जा पा रहा है। यदि ऐसे में तीसरी लहर आ जाती है तो फिर से समस्या खड़ी होगी। गौरतलब है कि दूसरी लहर में मरीजों को वैंटिलेटर की आवश्यकता अधिक पड़ी थी। इधर नवनिर्मित आइसीयू में वैक्यूम प्लांट न लग पाने से चालू नहीं हो पा रहा है। अस्पताल प्रभारी प्रशांत नायक का कहना है कि वैक्यूम प्लांट लगने के बाद भी आइसीयू का उपयोग संभव हो सकेगा।

हजार बिस्तर अस्पताल के सी-ब्लाक में शुक्रवार को तैयारी देखीं, जहां साफ-सफाई कर बेड व सामान रखवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने मरीज भर्ती किए जा सकें। फिलहाल कोविड मरीज के लिए टीबी अस्पताल पूरी तरह से तैयार है। साधन-संसाधनों की कोई कमी नहीं है।

डा. समीर गुप्ता, डीन जीआर मेडिकल कालेज

Posted By: anil.tomar

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