ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शिंदे की छावनी इलाके पर अब जाम की समस्या आम बात हाे चुकी है। हाथ ठेले आैर बदहाल सड़क के कारण यहां शाम काे घंटाे जाम लगा रहता है। जिसके कारण लाेगाें के लिए शिंदे की छावनी से रामदास घाटी के बीच का पंद्रह मिनट का सफर पाैन घंटे का हाे जाता है। वर्तमान में साहलग का सीजन है, एेसे में सड़काें से गुजरने वाली बरात भी परेशानी का सबब बन चुकी हैं।

शिंदे की छावनी से रामदास घाटी मार्ग काफी चाैड़ा है, लेकिन सड़क पर सब्जी आैर फल वालाें के ठेले लगने के कारण मार्ग की चाैड़ाई काफी कम रह गई है। वहीं काेणार्क हॉस्पिटल के सामने वाली सड़क का साै मीटर का हिस्सा पूरी तरह बदहाल है। यहां पहुंचते ही वाहनाें की रफ्तार कम हाे जाती है। विशेष रूप से शाम के समय ताे इस मार्ग से गुजरना खासा मुश्किल हाे जाता है। क्याेंकि शाम काे ट्रैफिक लाेड अधिक हाेने से जैसे ही गाड़ियाें की रफ्तार धीमी हाेती है ताे सड़क पर लंबा जाम लग जाता है। खास बात यह है कि दाेपहर में ताे यहां पुलिस के जवान वन वे नियम का पालन कराने के लिए खड़े रहते हैं, लेकिन शाम काे जब ट्रैफिक लाेड बढ़ता है ताे यह गायब हाे जाते हैं।

लाइन लीकेज आैर बरात बनी मुसीबतः शिंदे की छावनी मार्ग पर पानी की लाइन लीकेज के काम के लिए नगर निगम ने साेमवार काे काम तो शुरु कर दिया, लेकिन ट्रैफिक डायवर्सन के लिए ध्यान नहीं दिया गया। नौबत यह रही कि एक से सवा किमी तक वाहनों की कतार शिंदे की छावनी से लेकर घाटी तक लगी रही। वहीं शिंदे की छावनी पेट्रोल पंप रोड से लेकर फूलबाग गुरुद्वारा पर भी वाहन फंसे दिखे। गुरूनानक जयंती के कारण गुरूद्वारा के बाहर भी वाहन पार्क कर दिए गए थे। इसी तरह नई सड़क,गश्त का ताजिया,लक्ष्मण तलैया रोड,जीवाजी गंज रोड,हनुमान चौराहा, महाराज बाड़ा,सराफा,दौलतगंज से लेकर माधौगंज तक यही स्थिति रही। जाम खुले और फिर लग जाए।

Posted By: vikash.pandey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस