Gwalior Hariyali teej News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हरियाली तीज 11 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु के लिए उपवास रखकरऔर पूजा करेंगी। हरियाली तीज या श्रावणी तीज का उत्सव सावन माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन की तैयारियों को लेकर मंगलवार को बाजार में खासी भीड़ रही। महिलाअों ने पूजन की सामग्री और खुद के लिए वस्त्रों की खरीदारी की। इतना ही नहीं कुछ महिलाअों ने पार्लर पहुंचकर हाथों पर पिया के नाम की मेहंदी भी लगवाई।

तीज भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। यही वजह है महिलाएं पूजन में सौलह श्रृंगार कर शामिल होती हैं। वे अपने वैवाहिक जीवन में खुशहाली की कामना करती हैं। इस मास में पड़ने की वजह से इसे हरियाली तीज कहते हैं। इस अवसर पर महिलाएं घर के आंगन या पेड़ों पर लगे झूलों पर उल्लास के साथ भजन गाते हुए झूलती हैं। हरियाली तीज पर आम और अशोक के पत्तों से ठाकुर जी का झूला तैयार कर उन्हें झूला झुलाया जाता है। इस त्यौहार के नाम के अनुरूप ही हरी चूड़ियां, हरे कपड़े और मेहंदी का विशेष महत्व होता है।

इस शुभ मूहूर्त में होगी पूजा: ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी के अनुसार हरियाली तिथि का प्रारंभ मंगलवार को शाम छह बज कर 11 मिनट पर हुआ, लेकिन पूजा व्रत का संकल्प 11 अगस्त को लिया जाएगा। यह तिथि बुधवार की शाम चार बजकर 56 मिनट तक रहेगी। उदय तिथि में होने के कारण हरियाली तीज 11 को ही मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रमा सिंह राशि में रहेंगे। यह दिन सिंह राशि के लिए विशेष रहेगा। तीज को शिवयोग शाम छह बजकर 28 मिनट तक रहेगा। साथ में दिन रवि योग भी सुबह नौ बजकर 32मिनट से संपूर्ण दिन रहेगा। तीज के दिन स्ति्रयां अपने सौभाग्य के लिए सोलह श्रृंगार करती हैं।

तीज पर ऐसे करें पूजऩ

सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद मन से पूजा का संकल्प लें पूजा शुरू करने के पूर्व काली मिट्टी से भगवान शिव और माता पार्वती तथा गणेश की मूर्ति बनाकर थाली में रखें। सुहाग सामग्री सजाकर माता पार्वती को अर्पित करें। साथ ही शिवजी को वस्त्र पहनाएं। उसके उपरांत तीज व्रत की कथा पढ़ें अथवा सुने उसके बाद घर के बड़ों के पैर छूकर सुहाग सामग्री देकर उनका आशीर्वाद लें।

Posted By: anil.tomar

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