Gwalior hepatitis A and E News: ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधिा। मौसम में परिवर्तन के बाद तेजी से मच्छर जनित बीमारियों के बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही गंदे पानी व बाहर के खानपान से हैपेटाइटिस ए और ई के मरीज भी बढ़ रहे हैं। चेस्ट रोग विशेषज्ञ डा. केके तिवारी का कहना है कि वायरल फीवर और डेंगू के शिकार तो बन ही रहे हैं पर आगे चलकर मलेरिया भी रफ्तार पकड़ेगा। इसके साथ ही हैपेटाइटिस की बीमारी शरीर में गंदगी पहुंचने से होती है। इसके मरीज भी अब बढ़ने लगे हैं। इन बीमारियों के 25 फीसद मरीज ओपीडी में आने लगे हैं। पोस्ट कोविड मरीज में वायरल फीवर के साथ लंग्स संक्रमण भी मिल रहा है। इनकी रोकथाम के लिए खुद जागरुक हों और यदि किसी भी तरह की समस्या नजर आए तो तत्काल डाक्टर से परामर्श करें।

क्या है हैपेटाइटिस-ए और ई-

हैपेटाइटिस लिवर में होने वाला एक प्रकार का इंफेक्शन है, जो हैपेटाइटिस वायरस के कारण होता है। हैपेटाइटिस पांच प्रकार का होता है- छ, ळ, भ, घ और ड़। इनमें ळ और भ सबसे खतरनाक होते हैं और इन्हें क्रॉनिक हैपेटाइटिस माना जाता है। वहीं छ और ड़ ज्यादा खतरनाक नहीं होते हैं पर हैपेटाइटिस ए और ई की शिकायत के बाद हैपेटाइटिस बी का संक्रमण तेजी से शरीर में फैलता है, जो मरीज को गंभीरता की श्रेणी में लेकर पहुंचता है। इसके लक्षण अगले दो से तीन सप्ताह में देखने को मिलते हैं।

हैपेटाइटिस होने के कारण-

यह वायरस दूषित खाने और पानी, खून, असुरक्षित सेक्स, दूसरों के उपयोग की गई सुई के द्वारा फैलाता है। साथ ही यह मां से उसके नवजात बच्चे में भी फैल सकता है। यह हैपेटाइटिस बी और सी की तरह क्रॉनिक नहीं होता है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।

लक्षण

अगर आपको ज्यादा थकावट हो रही है, जोड़ों में दर्द है, 100 डिसे बुखार रह रहा है, कम भूख लग रही है, पेट में दर्द रहता है तो आपको डाक्टर के पास जाना चाहिए। साथ ही आपकी आंखों में पीलापन हो और पेशाब भी पीली आ रही है तो ऐसी स्थिति में डाक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है। 100 में से एक मरीज को लीवर फेल की दिक्कत भी आ सकती है।

बचाव

-वायरस गंदे पानी या खाने के जरिए शरीर में प्रवेश करता है।

-साबुन से हाथ धोने के बाद ही खाना खाएं।

-गंदा पानी पीने से बचें।

-फल सब्जी धोकर खाएं।

-हैपेटाइटिस का टीका लगवाएं, जिससे बचाव हो।

डेंगू और मलेरिया-

जेएएच के मेडिसिन विभाग के डा.मनीष शर्मा का कहना है कि डेंगू तेजी से फैल रहा है पर अभी मलेरिया के केवल क्लीनिकल मरीज ही देखने को मिल रहे हैं। जांच में मलेरिया का वायरस पकड़ में नहीं आ रहा है। पर आने वाले वक्त में मच्छर जनित बीमारियां तेजी से पनपेंगी। मलेरिया के मरीज भी अगले एक या दो सप्ताह में बढ़ने लगेंगे, क्योंकि बारिश के मौसम के बाद मच्छर तेजी से पनपते हैं। मच्छर के काटने से डेंगू मलेरिया फैलता है। इसलिए सावधानी रखें और बच्चों को फुल कपड़े पहनाएं तथा आसपास मच्छर न पनपने दें।

बरसात के मौसम में गंदा पानी घरों तक नल द्वारा पहुंचता है। जब इसका सेवन लोग करते हैं तो वह हैपेटाइटिस बीमारी के शिकार हो जाते हैं। जिसके मरीज अब तेजी से बढ़ने लगे हैं। मलेरिया भी आने वाले वक्त में तेजी से फैलेगा। ऐसे केस भी तेजी से बढ़ रहे हैं जिन्हें है तो मौसमी बुखार पर निमोनिया के कारण लंग्स में धब्बे दिखाई दे रहे हैं और उन्हें सांस लेने में परेशानी होती है। वे जांच में कोविड निगेटिव निकलते हैं। डा. केके तिवारी, चेस्ट रोग विशेषज्ञ , जयारोग्य अस्पताल

Posted By: anil.tomar

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