Gwalior Health News: ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। जिंदगी बचाने वाले डॉक्टर्स नाराज है। नाराजगी इतनी ज्यादा कि सरकारी हो या फिर प्रायवेट सभी डॉक्टर्स ने शुक्रवार को काली पट्टी बांधी हुई है। दरअसल इस नाराजगी की वजह है उनके खिलाफ होने वाली जुबानी हिंसा और मारपीट की तमाम घटनाओं के साथ-साथ बेतुके तर्काें के आधार पर लगाए जाने वाले आरोप। लिहाजा इसी से नाराज डॉक्टरों की सबसे बड़ी संस्था इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले शुक्रवार को ग्वालियर सहित देश भर में 'विरोध दिवस' मनाया जा रहा है । आईएमए ने सवाल करते हुए पूछा है कि जिसे भगवान का दर्ज दिया जाता है। उसी के साथ हिंसा क्यों? आखिर क्यों सरकार, व्यूरोक्रेट आम जनता के लिए डॉक्टर एक सॉफ्ट टारगेट रहते है ? शहर भर में लगे होर्डिंग बैनर और पोस्टर शहर भर में आईएमए के होर्डिंग चर्चा का विषय है। ऐसा पहली बार है जब डॉक्टरों की संस्था आईएमए ने शहर भर में होर्डिंग्स लगाकर विरोध दर्ज कराया है। इसके अलावा सभी अस्पतालों में भी विरोध प्रदर्शन के बैनर पोस्टर लगाए गए हैं। इन होर्डिंग्स और बैनर पोस्टर के जरिए साफ संदेश दिया जा रहा है कि हम मरीजों की रक्षा करते है, सरकार और समाज हमारी रक्षा करें।

डॉक्टरों की यह है मांग:

- कार्य के दौरान अभद्रता व मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए।

- इलाज के दौरान मृत्यु होने पर परिजनों द्वारा अस्पतालों में होने वाली तोड़फोड़ बंद हो ।

- डॉक्टरों के साथ मारपीट व उन पर होने वाले हमले को लेकर सख्त कानून बने।

- चिकित्सा एंव चिकित्सा कर्मियों को कार्य सुरक्षा दी जाए। » अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए।

Posted By: anil.tomar

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