Gwalior Health News: अजय उपाध्याय, ग्वालियर नईदुनिया। जिला अस्पताल का नवनिर्मित आइसीयू खाली पड़ा हुआ है। उद्घाटन के आठ दिन बाद भी वहां पर मरीज भर्ती नही किए जा सके। इधर जयारोग्य अस्पताल के मेडिसिन आइसीयू में पैर रखने की जगह नहीं है। यहां पर मरीज जमीन पर लेटकर इलाज ले रहे हैं। अब आइसीयू के मरीजों को बर्न वार्ड में रखकर इलाज देने के लिए कहा गया है। शुक्रवार को जयारोग्य अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में जमीन पर लेटकर इलाज ले रहे मरीजों को देखकर जेएएच अधीक्षक डा आरकेएस धाकड़ ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब हमारे पास न्यू बर्न वार्ड खाली पड़ा हुआ है तो फिर मरीजाें को वहां पर भर्ती क्यों नहीं किया जाता। आइसीयू में उन्हीं मरीजों को रखा जाए, जिनकी हालत काफी गंभीर है। इसके साथ ही आइसीयू में साफ सफाई रखें और एक से अधिक अटेेंडेंट का प्रवेश निषेध करें। शुक्रवार की सुबह जेएएच अधीक्षक डा आरकेएस धाकड़ आइसीयू का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इधर सिविल अस्पताल हजीरा में 102 तरह की जांच पैथोलाजी में शुरु कर दी गई है। शुक्रवार को सीएमएचओ डा मनीष शर्मा ने पैथोलाजी में अपनी एलएफटी,आरएफटी/लीवर,किडनी/ की जांच के लिए सैंपल देकर पैथोलाजी का शुभारंभ किया। अब सिविल अस्पताल हजीरा में मरीजों की जांच आधुनिक मशीनों के द्वारा की जाएगी। जिससे उन्हें बेहतर इलाज मिल सकेगा। इससे पहले जिला अस्पताल में भी इस माडल के तहत जांच की सुविधा शुरू हो चुकी हैं। साथ ही सीएमएचओ ने सिविल अस्पताल में बन रहे नवनिर्मित आइसीयू का भी भ्रमण कर वहां की तैयारियों को देखा और जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल की पैथाेलाजी में आज तक एक साथ 102 तरह की जांच नहीं की जा सकीं। क्योंकि जांच काे लेकर दावे ताे खूब किए गए, लेकिन हकीकत में उसके बाद काम करने वाली कंपनी पर ध्यान नहीं दिया जाता। आए दिन रेजेंट की अनुपलब्धता के चलते मरीजों केा बाहर जांच कराने जाना पड़ता है। इस पर सीएमएचओ का ध्यान नहीं जाता है, जिससे परेशानी बढ़ती जा रही है।

Posted By: vikash.pandey

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