Gwalior Helping Hand in Flood: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। पिछले तीन दिनों में भारी बारिश से ग्वालियर चंबल अंचल का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। लोगों को अपने गांव, घर गृहस्थी का सामान व अन्य जीवन जीने की जरूरी चीजें छोड़नी पड़ी हैं। राहत कार्यों के लिए सेना को भी बुलाया गया है। लेकिन अब बेघर हुए घरों को राहत दिलाने के लिए अब लोगों ने भी अपने हाथ आगे बढ़ाए हैं। कोई भंडारा करके बाढ़ प्रभावित लोगों को खाना खिला रहा है तो कोई लंगर लगाकर सेना व एनडीआरएफ के जवानों को खाना खिला रहा है। साथ ही कोई बाढ़ प्रभावित लोगों को रहने के लिए जगह उपलब्ध करा रहा है।

नरवर के पास दाताबंदी छोड़ गुरुद्वारे की तरफ से सेना व एसडीआरएफ के जवानों के भोजन का इंतजाम किया गया है। जिससे वे बाढ़ में फंसे लोगों को निकाल सकें। उनके लिए पूरी व्यवस्था की गई है।

इसी तरह नरवर के पास रानी घाटी गौशाला में बाढ़ प्रभावित लोगों के रुकने का तो इंतजाम किया गया है। साथ उनके लिए भोजन आदि का भी इंतजाम किया गया है। जिससे बाढ़ प्रभावित लोग परेशान न हों।

इसी तरह भितरवार जनपद पंचायत के अंतर्गत लखेश्वरी माता मंदिर परिसर में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिला प्रशासन द्वारा भोजन की व्यवस्था कराई गई है।आज के दोपहर का भोजन शुरू हो गया है। इससे लोगों को राहत मिल सके।

तकरीबन सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आसपास के लोग मदद करने के लिए आगे आए हैं। भोजन से लेकर रहने व कपड़ों तक का इंतजाम लोग बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कर रहे हैं।

ग्वालियर चंबल की है यह पहचान:

ग्वालियर चंबल अंचल को आमतौर पर डाकू समस्या के लिए जाना जाता है। लेकिन जब भी प्राकृतिक आपदा आती है या फिर देश के लिए कुछ कर गुजरने का मौका आता है तो ग्वालियर चंबल अंचल के लोग निस्वार्थ भाव से एक होकर सभी की मदद के लिए आगे आते हैं और मदद करते हैं। इससे ग्वालियर चंबल की पहचान देश में अलग ही बन रही है।

Posted By: anil.tomar

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