ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अलग-अलग मामलों के आरोपितों को जमानत पर रिहा करने के लिए अनोखी शर्त लगाई है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राष्ट्र पर जब कोई संकट आता है तो उससे निपटने के लिए खड़ा होना हर नागरिक का मौलिक कर्तव्य है। कोर्ट ने इसी कर्तव्य को याद दिलाते हुए जमानत में लोगों की सेवा की शर्त लगाई है। जेल से छूटने के बाद आरोपितों को कोविड-19 वारियर के रूप में नाम दर्ज कराना होगा। कोरोना महामारी से निपटने के लिए किए जा रहे इंतजामों के कामों में इन्हें सहयोग करना होगा। कलेक्टर तय करेंगे कि इनसे क्या कार्य कराया जा सकता है।

कोर्ट ने अलग-अलग मामलों में कलेक्टर को निर्देश देते हुए कहा कि आरोपितों के नाम कोविड-19 वारियर के रूप में रजिस्टर में दर्ज किए जाएं। आरोपितों का वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने के लिए चल रहे कार्यों में उपयोग किया जा सकेगा । किस आरोपित को कितना, किस अवधि में, कब - कब काम देना है यह कलेक्टर तय करेंगे। न्यायालय ने उम्मीद जताई के आरोपित संविधान के अनुच्छेद 15ए (डी) के तहत जो दायित्व तय किए हैं उनका पालन करेंगे। न्यायालय ने यह भी कहा कि कोविड-19 को लेकर न्यायालय ने जो दिशा निर्देश आरोपितों को लेकर दिए हैं यदि उनका पालन नहीं किया जाता है तो उसकी सूचना कलेक्टर को रजिस्ट्री को देना होगी। अगर आरोपित जमानत की शर्तों का पालन नहीं करते हैं तो जमानत निरस्त भी हो सकती है।

धोखाधड़ी के मामले में आरोपित को मिली जमानत

गोपाल पटेल पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। गोपाल पटेल ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। पटेल को कोरोना वारियर बनाए जाने एवं अन्य शर्तो के साथ जमानत दी है। गोपाल को सिटी कोतवाली अशोक नगर पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में 13 दिसंबर 2019 को गिरफ्तार किया था। शासन ने उसकी जमानत आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित से अभी 17 लाख की राशि जब्त करना है इसलिए उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जाए। न्यायालय में प्रकरण के तथ्यों को देखते हुए आरोपित को जमानत दे दी । न्यायालय ने पाया कि कोरोना संकट के चलते प्रकरण की शीघ्र सुनवाई संभव नहीं है आरोपित 5 माह से जेल में है इसलिए उसे जमानत का लाभ दिया गया।

आरोपित को मिली अग्रिम जमानत

एसेंशियल कमोडिटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपित शिवकुमार शर्मा के अग्रिम जमानत आवेदन को कोरोना वारियर के रूप में काम करने की शर्त पर मंजूर कर लिया। न्यायालय ने कहा कि वर्तमान समय में जहां पूरे विश्व में कोरोना वायरस से संघर्ष चल रहा है। ऐसे में सरकारी मशीनरी को साधनों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। आपदा की इस घड़ी में आपदा प्रबंधन में नागरिक सरकार की सहायता के लिए बाध्य हैं। प्रकरण के तथ्य को देखते हुए न्यायालय ने आरोपित के आवेदन को स्वीकार कर लिया। इसी प्रकार एक अन्य मामले में आरोपित प्रमोद सिंह बघेल तथा अन्य मामले में आरोपित आकाश व अन्य को सशर्त जमानत पर रिहा किए जाने से आदेश दिए हैं।

एसडीएम तय करेंगे क्या कराना है

विकास गर्ग पर मुरैना जिले के रामपुर कला थाने में केस दर्ज है। 31 अक्टूबर को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। आरोपित ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। आरोपित को कोरोना वारियर के रूप में काम करने की शर्त पर जमानत दी है। एसडीएम तय करेंगे कि उससे क्या काम कराया जा सकता है। काम करते वक्त उसे पूरी सावधानी बरतनी होगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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