-डबरा में शुगर मिल परिसर में गोदाम में चोरी का मामला, नाबालिग है आरोपित जिसका आरोप-तीन दिन थाने में रखा

-लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष व पूर्व मंत्री इमरती देवी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर वायरल की फोटो

Gwalior Imarti Devi News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। जेजे एक्ट यानि किशोर न्याय अधिनियम बच्चों व नाबालिगों की सुरक्षा व सुधार के लिए भले ही हो लेकिन खुद जिम्मेदार माननीय व अफसरों को इसकी परवाह नहीं है। डबरा में एक इलेक्ट्रोनिक्स कारोबारी के यहां चोरी के मामले में 16 साल के नाबालिग आरोपित को पुलिस ने पकड़ा और खुद पूर्व मंत्री इमरती देवी, कारोबारी व एएएसपी राजेेश दंडोतिया के सामने पूछताछ की,इसी फोटो को पूर्व मंत्री ने फेसबुक पर वायरल कर दिया। पुलिस ने इस आरोपित को 25 नवंबर को पकड़ा था लेकिन तीन दिन बाद किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया,तीन दिन थाने ही रखा। एक्ट साफ कहता है कि नाबालिग आरोपी को थाने में रखना,विशेषकर नाइट डिटेंशन किसी भी सूरत में न हो,वहीं उसकी पहचान-फोटो तो बिल्कुल उजागर नहीं होना चाहिए। 23 नवंबर को फेसबुक आइडी से पूर्व मंत्री इमरती देवी ने नाबालिग के फोटो सहित कई फोटो अपलोड कर दिए।

यहां यह बता दें कि डबरा में इलेक्ट्रोनिक्स कारोबारी जैन परिवार के गोदाम में नवंबर माह में अलग अलग दिनांक को चोरी की घटनाएं हुईं थीं। कई बार चोर लोडिंग आटो भरकर इलेक्ट्रोनिक्स का सामान चोरी कर ले गए,इस तरह कुल 15 लाख का माल चोरी होना बताया गया। गगन पुत्र नरेंद्र जैन के यहां चोरी हुई जिसमें पूर्व मंत्री इमरती देवी खासा सक्रिय हुईं और चोरों को पकड़ने के लिए अफसरों तक एप्रोच की। उन्होने डबरा पुलिस को भी कटघरें में खड़ा किया।

क्या कहता है एक्ट:किशोर न्याय अधिनियम 2015 धारा 74

-किसी जांच या अन्वेषण या न्यायिक प्रक्रिया के बारे में किसी समाचारपत्र, पत्रिका या समाचार पृष्ठ या दृश्य-श्रव्य माध्यम या संचार के किसी अन्य रूप में की किसी रिपोर्ट में ऐसे नाम, पते या विद्यालय या किसी अन्य विशिष्टि को प्रकट नहीं किया जाएगा, जिससे विधि का उल्लंघन करने वाले बालक या देखरेख और संरक्षण के जरूरतमंद बालक या किसी बाल पीड़ित या किसी अपराध के साक्षी की, जो तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन ऐसे मामले में अंतवलित है, पहचान हो सकती है और न ही ऐसे बालक का चित्र प्रकाशित किया जाएगा। उल्लंघन करने वाला कोई व्यक्ति ऐसे कारावास से, जिसकी अवधि छह मासतक की हो सकेगी या जुर्माने से, जो दो लाख रुपए तक का हो सकेगा या दोनों से, दंडनीय होगा ।

25 नवंबर को बुलवाया,28 को पेश,अब जमानत हुई

नाबालिग 16 साल के आरोपित को 25 नवंबर को पकड़ लिया गया था जिसमें 28 को पेश किया गया। बाल संप्रेक्षण गृह ग्वालियर में नाबालिग को लाया गया जहां से उसकी जमानत हो गई। नाबालिग का आरोप भी है कि उसे तीन दिन थाने में खाना नहीं दिया गया और पिटाई भी की।

नाबालिग का आरोप-गगन ने खुद सस्ते में दिया सामान

इस मामले में नाबालिग से नईदुनिया ने बात की तो उसने बताया कि गगन उसका परिचित है और उसने ही सस्ते में सामान दिया। गगन ने पहले दिन फिर रात में सामान निकलवाया। वहीं उसने कहा कि पूर्व मंत्री से लेकर कई लोगों ने उसे धमकाया कि गगन का नाम मत लेना वरना बहन को उठा लेंगें व डबरा की 35 लाख की लूट भी उसके उपर ही रख देंगें।

कथन

इस मामले में एक आरोपित नाबालिग है जो बहुत तेज है। उसने गलत ढंग से बिल भी बनाए हैं। इस मामले में उसे पकड़ा गया और पेश किया गया। नाबालिग कुछ भी बोल रहा है।

विनायक शुक्ला, टीआइ, डबरा

इस मामले में नाबालिग आरोपित को रात में थाने रखना नियमों के खिलाफ है, नाबालिग को सीधे पहले ही दिन पेश करना होता है, उसकी पहचान,नाम,फोटो व अन्य बहुप्रसारित करना या साझा करना एक्ट का उल्लंघन है। जेजेबी इस मामले में संज्ञान लेगा।

विनीता जैन, सदस्य, ज्यूविनायल जस्टिस बोर्ड

पूर्व मंत्री ने नहीं उठाया फोन

इस मामले में नईदुनिया ने पूर्व मंत्री इमरती देवी के मोबाइल नंबर पर दो से तीन बार काल किया उन्होने नहीं उठाया। उन्हें मैसेज भी किया गया।

Posted By: anil tomar

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