- शुक्रवार को जारी हुआ जेईई एडवांस का रिजल्ट, विशेषज्ञ बोले- संतोषजनक नहीं रहा परिणाम

Gwalior JEE Advanced Result: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जेईई एडवांस का रिजल्ट शुक्रवार को जारी किया गया। सानिध्य भटिया आल इंडिया रैंक 317 हासिल कर सिटी टॉपर बने हैं। परीक्षा में ग्वालियर से 1048 विद्यार्थी शामिल हुए थे। जेईई मेंस की परीक्षा साल में चार बार आयोजित की गई थी। इस वजह से जेईई एडवांस में अधिक विद्यार्थी सम्मिलित हुए थे। एक्सपर्ट तेजेन्द्र सोलंकी के मुताबिक इस परीक्षा का परिणाम संतुष्ट करने वाला नहीं आया है। शहर से महज 110 विद्यार्थी जेईई एडवांस में क्वालिफाई हुए हैं। अब जेईई एडवांस क्वालिफाई विद्यार्थी देशभर के 23 आइआइटी संस्थानों में काउंसलिंग का हिस्सा बन सकेंगे। ज्यादातर विद्यार्थी कंप्यूटर साइंस ब्रांच से इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। हालांकि रैंक कम होने की वजह से इस ब्रांच का हिस्सा बनना थोड़ा मुश्किल रहेगा।

दादी के गम को नहीं होने दिया हावी

सानिध्य कक्षा 11वीं के बाद से ही तैयारी कर रहे थे। पिछले साल दादी का निधन हो गया था। मगर उनके जाने के गम को खुद पर हावी नहीं होने दिया, पूरी लगन से पढ़ाई जारी रखी। सानिध्य का कहना है वे आगे कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई करना चाहते हैं, देखना होगा कौन सा आइआइटी संस्थान मिलता है। उनके पिता संजीव भाटिया नापतौल विभाग में सहायक ग्रेड-3 में कार्यरत हैं व मां किरन भाटिया गृहिणी हैं। शिक्षकों के मार्गदर्शन से पढ़ाई की। वाट्सएप ग्रुप बनाकर चर्चा करते रहे। पूरा मन लगाकर आनलाइन क्लास ली। वे आइआइटी रुड़की या आइआइटी दिल्ली में प्रवेश चाहते हैं।

टेलीग्राम ग्रुप पर दोस्तों के साथ की पढ़ाई

सत्यार्थ शंकाओं का समाधान लगातार ढूंढते व स्पष्ट करते रहे। कोचिंग द्वारा जैसा बताया गया, उसी हिसाब से तैयारी की। कंप्यूटर साइंस ब्रांच से आगे पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्होंने बताया उन्हें परिवार ने पूरा सहयोग किया। वे टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर दोस्तों के साथ पढ़ाई व चर्चा किया करते थे। पढ़ाई की सामग्री जुटाने के लिए इंटरनेट की भी पूरी मदद ली। उनके पिता पवन कुमार गुप्ता हैं और मां सीमा गुप्ता महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर हैं।

सिलेबस कंप्लीट होने के बाद लगातार किया रिवीजन

शंख गुप्ता ने सिलेबस कंप्लीट होने के बाद लगातार मॉक टेस्ट दिए। लगातार तीन घंटे तक प्रीवियस पेपर टाइमिंग लगाकर हल किए, रिवीजन किया। आनलाइन क्लास लेते-लेते बोरियत महसूस होती तो ब्रेक लिया करते थे। वे कंप्यूटर साइंस से आगे पढ़ाई करना चाहते हैं। उनके पिता प्रवीण गुप्ता एमआइटीएस में मैकेनिकल इंजीनियर हैं, मां सपना गुप्ता गृहिणी हैं।

केवल छह घंटे नींद लेते थे

अनमोल कुलश्रेष्ठ ने परीक्षा की तैयारी के चलते केवल छह घंटे नींद लेते थे और लगातार पढ़ाई की। चूंकि लगन थी इसलिए आनलाइन पढ़ाईसे भी बोरियत नहीं होती थी। माता-पिता आराम करने के लिए कहते तो भी पढ़ाई जारी रहती। पिता सुभाष बाबू कुलश्रेष्ठ नवोदय विद्यालय, पिछोर डबरा में लेखपाल हैं और मां दीपाली कुलश्रेष्ठ उत्कृष्ट विद्यालय मुरार क्रमांक 1 में इकोनामिक्स की शिक्षिका हैं। वे आगे सीएस या इलेक्टि्रकल्स से इंजीनियरिंग करना चाहते हैं।

Posted By: anil.tomar

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