Gwalior JU News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जीवाजी विश्वविद्यालय के यूसिक विभाग में चोरी हुए 5 दिन हो चुके लेकिन अभी तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, ना ही किसी प्रकार की कोई जांच शुरू हुई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विभाग के पीछे से छोटी सी खिड़की को तोड़कर कुछ चोर लाखों का सामान पार कर ले गए थे । इस बारे में विश्वविद्यालय की ओर से विश्वविद्यालय थाने को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग की गई थी। लेकिन 5 दिन बीत जाने के बाद भी इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है । वहीं दूसरी ओर संबंधित उस विभाग ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की थी। जिस पर कुलसचिव ने इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश भी दे दिए थे , लेकिन उस संबंध में भी अभी तक कोई भी कार्यवाही शुरू नहीं हुई है। गौरतलब है की यह कोई पहली बार नहीं है जब इस विभाग में चोरी हुई है। इससे पहले भी दो बार चोरी हो चुकी है जिसमें चोर लाखों का माल लेकर चंपत हो गए थे |

कुलसचिव पर नहीं है जवाब

इस मामले में अभी तक एफआईआर क्यों नहीं हुई? भविष्य में इस तरह की कोई घटना नहीं हो इसके लिए आपने क्या इंतजाम किए हैं? इससे पहले की चोरियों में कोई परिणाम क्यों नहीं निकला? विश्वविद्यालय के कुलसचिव सभी प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं, तो उनके पास इसका कोई जवाब नहीं होता है। वह सिर्फ खानापूर्ति करने के लिए जवाब देते हैं या कह देते हैं कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।

अंचल में अब तक 387193 गोवंश को लगे टीके

ग्वालियर व चंबल संभाग में गोवंश को लंपी वायरस से बचाने के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। दोनों संभागों में अब तक तीन लाख 87 हजार 193 गोवंश को लंपी संक्रमण से बचाने टीके लगाए जा चुके हैं। ग्वालियर जिले में अब तक 69 हजार 204 गोवंश को लंपी वायरस से बचाव के लिए टीके लगाए जा चुके हैं। इसी तरह दतिया जिले में 14 हजार 661, शिवपुरी जिले में 72 हजार 296, गुना में 82 हजार 200 व अशोकनगर जिले में अब तक 18 हजार 208 गोवंश को टीके लग चुके हैं। चंबल संभाग के अंतर्गत भिंड जिले में 50 हजार 500, मुरैना में 52 हजार 820 और श्योपुर जिले में अब तक 27 हजार 304 पशुओं को लंपी वायरस से बचाने के लिए टीके लगाए जा चुके हैं।

Posted By: anil tomar

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