- जीवाजी विश्वविद्याल की कार्य परिषद की बैठक

Gwalior JU News:ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। जीवाजी विश्वविद्याल की कार्य परिषद की बैठक में शुक्रवार को उस वक्त हंगामा मच गया, जब बैठक में मेडिकल कालेज के प्रस्ताव को चर्चा के लिए रखा गया। राज्यपाल कोटे के पांच सदस्यों ने बैठक में हंगामा किया। कुलपति पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदस्यों ने कहा कि मेडम आपके 15 दिन शेष बचे हैं। आप नीतिगत फैसला नहीं ले सकती है। मेडिकल कालेज के प्रस्ताव को अगली बैठक में चर्चा के लिए रखा जाए। राज्यपाल कोटे के पांच व एक प्रोफेसर कोटे से सदस्य इस प्रस्ताव पर असहमत रहे और उन्होंने अपना असहमति पत्र दे दिया। वहीं, हंगामे के बीच मेडिकल कालेज का प्रस्ताव पास हो गया। अब इस पूरे शिकायत कार्य परिषद सदस्यों ने राज्यपाल व उच्च शिक्षा आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त से की है।

कुलपति संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वेतन भोगियों कर्मचारियों को स्थायीकर्मी घोषित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। 27 अकुशल व चार कुशल कर्मचारियों को इस फैसले का फायदा मिलेगा। प्रो आरजे राव के पिता स्व. आरएम जया राव के नाम से एमएससी जीव विज्ञान में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण दिए जाने का प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। विद्या योजना व मूल्यांकन बोर्ड की बैठक प्रस्तावों का भी अनुमोदन किया। मेडिकल कालेज पर चर्चा का प्रस्ताव रखा तो राज्यपाल कोटे के पांच सदस्यों ने हंगामा कर दिया। राज्यपाल कोटे के कार्य परिषद सदस्य शेवंती भगत, संगीता चौहान, डा शिवेंद्र राठौर, डा मनेंद्र सोलंकी, डा अनूप अग्रवाल ने मेडिकल कालेज के प्रस्ताव पर असहमित पत्र दिया है। प्रोफेसर कोटे के एक कार्य परिषद सदस्य आन लाउन जोड़ थे। उन्होंने भी अपना असहमित दी है। बैठक में रेक्टर उमेश होलानी, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डा एमआर कौशल, कुलसचिव डा सुशील मंडेरिया मौजूद थे।

सदस्यों ने ये की हैं आपत्तियां, सवाल भी पूछे

- बैठक में बताया गया कि जिला अस्पताल के 330 बैड जेयू के मेडिकल कालेज के लिए दे दिए हैं। इस पर कार्य परिषद सदस्य मनेंद्र सोलंकी ने जिला अस्पताल के बेड संख्या का पत्र दिखाया। यहां पर 200 बेड है। 130 बढ़ाकर क्यों बताए गए। गुमराह क्यों किया जा रहा है।

- मेडिकल कालेज के लिए 228 करोड़ रुपये का प्रस्ताव लाया गया है। मप्र विवि 1973 के अनुसार 2021-22 के बजट में चिकित्सा संस्थान के लिए बजट का प्राविधान नहीं किया गया है। वित्त समिति के सामने लाए बगैर इसे कार्य परिषद में क्यों लाया गया। 228 करोड़ स्वीकृत किया जाना मप्र विवि परिनियम 32 का उल्लंघन है।

- मेडिकल कालेज की डीपीआर सदस्यों के सामने रखी जाए। कालेज के लिए बिल्डिंग पर कितना खर्च होगा।

- मेडिकल कालेज के लिए तुरारी में जो 17.454 हेक्टेयर जमीन का आवंटन दिखाया जा रहा है। यह जमीन जेयू के नाम नहीं है। कलेक्टर ने यह जमीन उच्च शिक्षा विभाग को दी है। इस पर जेयू अपना दावा कैसे कर रही है। यह गलत जानकारी क्यों दी जा रही है।

- उपकरण खरीदने, फर्नीचर, इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 3 करोड़ की स्वीकृति का प्रस्ताव रखा था। उपकरणों की सूची मांगी तो नहीं दी गई। इसको लेकर भी हंगामा किया गया।

Posted By: anil.tomar

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