Gwalior Kala Sanskriti News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। आर्टिस्ट कंबाइन ग्वालियर की ओर से अभा नाट्य उत्सव का आयोजन शनिवार को किया गया। उत्सव में बड़ोदरा की दीक्षा संस्था की ओर से 'कौन है वो" नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक के लेखक अगाथा क्रिस्टी हैं। इसका अनुवाद और निर्देशन देबल दास गुप्ता ने किया है। यह नाटक एक घंटे 50 मिनट का है, जिसका लाइव प्रसारण भी किया गया। नाटक की कहानी पर आधारित कलाकार मनोज कुमार की फिल्म गुमनाम बनाई गई थी। यह जासूसी उपन्यास नाटक है। नाटक की कहानी 10 लोगों के ईदगिर्द घूमती है। 10 लोगों को अंडमान के पास स्थित नील द्वीप में बुलाया गया। जिसमें पूर्व गवर्नेंस वेरा एलिजाबेथ क्लेथोर्न, फिलिप लोम्बार्ड, विलियम हेनरी ब्लोर, जॉन गार्डन मैकेंजी, डा.आर्मस्ट्रांग, एमिली कैरोलिन बरेंट, मारिया निकोलाएव्रा, लॉरेंस जॉन वॉरग्रेव, थॉमस रॉजर्स, एथेल रॉजर्स आमंत्रण में कुल 10 लोग शामिल थे। जिसमें से सभी को लगता है उन्हें विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसे निभाने के लिए बुलाया गया है, लेकिन ऐसा नहीं था। कहानी धीरे-धीरे आगे बढ़ती है। एक भयंकार और डरावना रूप लेने लगती है। जब सभी एक शाम रात के खाने के बाद ड्राइंग रूम में इकट्ठा होते हैं और वहां अचानक से रिकोर्डेड आवाज सुनाई देती है। जिसमें प्रत्येक उपस्थित मेहमानों की अतीत में हुई हत्याओं का आरोप लगाया जाता है। जिसके बारे में अभी तक खुलासा नहीं हो सका था, फिर वह आपस में चर्चा करते हैं और महसूस करते हैं उनमें से कोई मी आउन को नहीं जानता है और उन्हें वहां किसी की योजना के अनुसार लाया गया है। इस गंभीर विषय पर चर्चा करते हैं। इतने में राजकुमारी मारिया निकोलाएव्रा जहरीली विस्की का एक घूंट पीते ही मर जाती हैं। यह देखकर एथेल रॉजर्स बेहोश हो जाती है। इसी तरह धीरे-धीरे सभी की मृत्यु होने लगती है। एक भयभीत माहौल बन जाता है। सभी को अपनी जान की बचाने की पड़ने लगती है। एक-दूसरे को किसी न किसी के शव से रूबरू होना पड़ता है। स्थिति पर चर्चा करने के लिए सभी मिलते हैं। वे तय करते हैं कि उन्हीं में से एक हत्यारा जरूर है, लेकिन न्यायाधीश वॉरग्रेव ने उन्हें याद दिलाया कि मौजूदा सबूत बताते हैं कि उनमें से कोई भी हत्यारा हो सकता है। दोपहर और रात का खाना आराम से गुजरता है। हर कोई नींद से पहले अपने दरवाजे को बंद करके बिस्तर पर चला जाता है। अगली सुबह वे पाते हैं कि रोजर्स को नाश्ते की तैयारी में लकड़ी काटते समय मार दिया गया है। मेहमान महसूस करते हैं कि नर्सरी कविता के अनुसार हत्याएं की जा रही हैं। इसके अलावा उन्हें पता चलता है कि भोजन कक्ष की मेज पर शुरू में 10 भारतीय आंकड़े थे, लेकिन प्रत्येक मृत्यु के साथ एक आंकड़ा गायब हो जाता है।

न्यायाधीन वॉरग्रेन ही षडयंत्रकारीःन्यायाधीश वॉरग्रेव ही इस षड्यंत्र का रचयिता हैं और वह भी मरा नहीं था। वह फिर से प्रकट होता है और वेरा को समझाता है कि उसने हत्याओं की योजना बनाई, क्योंकि वह उन लोगों को दंडित करना चाहता था जिनके अपराध कानून के तहत दंडनीय नहीं हैं। वॉरग्रेव ने दोषियों को दंडित करने के लिए खून पर खून किए और इस बात को स्वीकार किया। वह अब वेरा को एक फांसी के फंदे में जकड़कर मारना चाहता है। वह सोचता है कि लोम्बार्ड मर चुका है, लेकिन लोम्बार्ड को समय पर होश आ जाता है और वह पीछे से वॉरग्रेव को गोली मार देता है।

Posted By: vikash.pandey

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