ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। रक्षाबंधन के एक दिन पहले महिला का मंगलसूत्र लूटकर भागे बदमाशों को 24 घंटे के भीतर दबोच लिया। बदमाशों को पकड़ने में पुलिस की कहानी कुछ फिल्मी है पर यह हकीकत है। घटना का पता चलते ही पुलिस ने जिस बाइक के सहारे बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया था उसका पता लगाया और बदमाशों को मोबाइल नंबर पता कर लिया। मोबाइल नंबर को सर्वलांस पर लेकर जब उसकी लोकेशन पता की। तब पता चला कि मोबाइल नंबर जिस गति से लोकेशन बदल रहा है वह ट्रेन की गति है। जिसके बाद पुलिस ने अपनी कार उस दिशा में दौड़ा दी जिस दिशा में मोबाइल की लोकेशन अगे बढ़ रही थी। दतिया में मोबाइल की लोकेशन मिली जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया और लूट का माल बरामद कर लिया। शुक्रवार को प्रेसवार्ता में पुलिस एसएसपी अमित सांघी ने खुलासा करते हुए बताया। असल में दस अगस्त को बहोड़ापुर थाना अंतर्गत आनंद नगर के पास पैदल जा रही महिला के गले से दो स्पेलेंडर पर सवार बदमाश शाम के वक्त गले से मंगलसूत्र लूटकर भागे थे। जिसकी शिकायत पीड़िता द्वारा बहोड़ापुर थाना पहुंचकर की। जिस पर पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए स्मार्ट सिटी के कैमरों से लुटेरों का पता लगाने का प्रयास किया। मानसिक आरोग्यशाला के पास चौराहे पर लगे कैमरे में बदमाशों की बाइक का नंबर मिल गया।

बाइक के नंबर से पहुंचे बदमाश के मोबाइल नंबर तक-

एसएसपी ने बताया कि बाइक का नंबर से पता चला कि बाइक अबाड़पुरा के आकाश जाटव के नाम है। जब आकाश से मिले तो पता चला कि उसने बाइक भूरा नाम के व्यक्ति को दी है जो श्याम खाटू नाम से चाय की गुमठी लगाता है। जब पुलिस भूरा के पास पहुंची तो पता चला कि उसने बाइक हजीरा में रहने वाले दो युवकों को दी है। पुलिस भूरा को लेकर हजीरा उस स्थान पर पहुंची जहां पर बदमाश किराए से रहते थे। वहां पर बदमाश नहीं आसपास के लोगों से पूछताछ की तो एक मोबाइल नंबर मिला। इसमें पूरा एक दिन का वक्त गुजर गया।

मोबाइल नंबर का पीछा कर बदमाशों तक पहुंची पुलिस-

एसएसपी ने बताया कि दूसरे दिन 11 अगस्त को मोबाइल नंबर की लोकेशन का पता रेलवे स्टेशन का चला। जब पुलिस रेलवे स्टेशन पहुंची तो वहां से कई गाड़ियां निकल चुकी। मोबाइल नंबर की लोकेशन भी डबरा की तरफ तेजी से बदलती जा रही थी। जिस गति से मोबाइल नंबर की लोकेशन बदल रही थी उसके समय से जब मिलान किया तो पता चला कि यह गति व समय की बदलना उत्कल एक्सप्रेस का है। जिसमें बदमाश बैठे है इससे मोबाइल की लोकेशन बदलती जा रही है। जिस पर पुलिस ने उत्कल एक्सप्रेस का सड़क मार्ग से पीछा करना शुरु कर दिया। बदमाश दतिया में उतर गए तो मोबाइल लोकेशन दतिया की मिली और उसकी लोकेशन भी ठहर गई थी। लेकिन जब पुलिस दतिया पहुंची तो बदमाशों का मोबाइल बंद हो गया। जिसके बाद पुलिस ने शहर के सभी हाेटल, लाज आदि की तलाशी ली। एक लाज में पता चला कि दो युवक आधा घंटे पहले ही ठहरे हैं। पुलिस ने जब उन्हें पकड़कर तलाशी ली तो उनके पास वही मोबाइल मिला जिसका पीछा कर दतिया तक पहुंचे थे। पूछताछ करने पर बदमाशों के कब्जे से लूटा गया मंगलसूत्र और लूट में प्रयुक्त की गई बाइक जब्त कर ली।

इनकी रही सराहनीय भूमिका-

क्राइम एएसपी राजेश दंडोतिया,अभिनव चौकसे,क्राइम सीएसपी विजय भदौरिया, रत्नेश तोमर,बहोड़ापुर थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार, एसआई मोहन सिंह यादव, एएसआई अभिलाख सिंह, एसआई शैलेन्द्र शर्मा, राहुल अहिरवार, प्राधानआरक्षक मनीष चौहान, विकास बाबू, आरक्षक रणवीर शर्मा, राजीव शुक्ला, सुमित शर्मा, जितेन्द्र तुरेले, जितेन्द्र बरैया, सीसीटीव्ही रूम रामकिशोर, रवि यादव,आरक्षक विजय गुर्जर, गिर्राज शर्मा, अनुवेन्द्र, धर्मेन्द्र, तारा सिंह, सोनू त्यागी, कोमल गुर्जर, नरेश कुमार, रवि सिंह गौर, सैनिक चालक दुर्योधन की सराहनीय भूमिक रही।

Posted By: anil tomar

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