Gwalior Mahalaxmi elephant worship : ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। महालक्ष्मी व्रत आज रखा जाएगा, जिसमें महिलाएं मिट्टी के हाथी की पूजा करेंगी। व्रत का पारण अश्वनी मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 29 सितंबर को होगा। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि अष्टमी तिथि का प्रारंभ 28 सितंबर शाम 6:17 बजे से होगा, चंद्रोदय अष्टमी 28 से 29 सितंबर रात्रि 8:30 बजे तक रहेगी। इसलिए महालक्ष्मी व्रत का पारण 29 को होगा। भादप्रद मास में शुक्ल पक्ष की अष्टमी से मां महालक्ष्मी के व्रत की शुरुआत हो जाती है। 13 सितंबर से प्रारंभ किए गए महालक्ष्मी व्रत 16 दिनों तक रखें जाते हैं।

माना जाता है कि अष्टमी के दिन हाथी पर बैठी मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से यश और धन की प्राप्ति होती है। मां लक्ष्मी को धन की देवी माना गया है। इनकी कृपा से ही धन-धान्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हर व्यक्ति चाहता है कि मां लक्ष्मी की कृपा उसके परिवार पर बनी रहे। मां लक्ष्मी की उत्पत्ति समुद्र मंथन के समय जल से मानी गई है इसलिए वे चंचला कहलाती हैं। एक स्थान पर ठहरना उनका स्वाभाव नहीं है लेकिन विशेष समय में कुछ उपाय करके मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त की जा सकती है। मां लक्ष्मी को मनाने और उनकी आराधना करने के लिए ये दिन बहुत ही महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

शहीद भगत सिंह की 114वीं जयंती आज

मंगलवार को हिंदू महासभा दौलतगंज स्थित हिंदू महासभा भवन में शहीद भगत सिंह की 114वीं जयंती मनाएगी। इस दौरान भारत माता के चित्र के समक्ष शहीद भगत सिंह, वीर सावरकर, वीरांगना लक्ष्मीबाई, वीरांगना झलकारी बाई, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, बाल गंगाधर तिलक, शहीद चंद्रशेखर आजाद, शहीद हेमू कालानी, शहीद मदनलाल ढीगरा, शहीद अमरचंद बाठिया सहित सात लाख 32 हजार बलिदानियों का स्मरण कर उनकी आरती की जाएगी। इसी दौरान कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान शहीद भगत सिंह की यात्रा निकाली जाएगी, जो दौलतगंज से शुरू होगी।

Posted By: anil.tomar

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