ग्वालियर। (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मौसम विभाग ने ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया व श्योपुर में मानसून की औपचारिक घोषणा कर दी, लेकिन मानसून की धमाकेदार एंट्री नहीं रही। शुक्रवार को सुबह हल्के बादल छाए रहे, धूप निकलने पर उमस भरी उमस भरी गर्मी ने बेहाल कर दिया। पसीना से तरबतर रहे। मौसम विभाग ने शम तक गरज चमक के साथ बारिस के अासार जताए हैं। उड़ीसा में बना चक्रवातीय घेरा कमजोर पड़ गयाा, जिससे भारी बारिश के अासार नहीं रहे हैं। स्थानीय प्रभाव से ही बारिस के आसार हैं।

मानसून में पाकिस्तान की हवाओं की घुसपैठ होने से ब्रेक पर चला गया था। 20 जून के बाद से आगे नहीं बढ़ा। जब पाकिस्तान की हवाएं कमजोर पड़ी तो मानसून ने रफ्तार पकड़ ली। गत दिवस मानसून बारिश हो गई थी। दूसरे दिन भी दोपहर में मानसून की बारिश दर्ज हुई। जिससे मानसून घोषित हो गया। मानसून के आगमन से गर्म झुक गई। गत दिवस अधिकतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई। सामान्य से 5.5 डिसे नीचे आ गया। इससे कूलर व एसी की हवा की जरूरत नहीं पड़ी। उसम से भी राहत रही। हवा में भी ठंडक रही। शुक्रवार को उमस के कारण बेहाल रहेंगे।

अब जुलाई से आस, अच्छी बारिश के लिए जाना जाता है महीना

2021 में मानसून समय से पांच दिन पहले आ गया था, लेकिन मानसून ब्रेक हो गया था। जून व जुलाई के 20 दिन सूखे निकल गए थे, जिसके चलते सूखे जैसी स्थिति रही थी। जुलाई का अंतिम सप्ताह में अंचल में रिकार्ड तोड़ बारिश हुई थी, जिससे अंचल में बाढ़ आ गई। जुलाई भारी के लिए जाना जाता है। इस साल जुलाई व अगस्त से अास है। मौसम विभाग ने जुलाई का जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसमें पहले सप्ताह में अच्छी बारिश हो सकती है। शहर औसत बारिश से पिछड़ रहा है, उसकी पूर्ति हो सकती है।

Posted By: anil tomar

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close