- मैकडोनाल्ड ने किया इंकार, डोमिनो और पिज्जा-बर्गर संस्थान का मेला प्राधिकरण को इंतजार

Gwalior Mela 2023: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर व्यापार मेला में झूला सेक्टर सजने लगा है। इस बार मेला में सबसे बड़ा नाव झूला लाया गया है। जिसमें एक साथ 150 लोग सवार हो सकेंगें। इसके अलावा दो और नए और बड़े झूले आने वाले हैं जिन्होंने मेला प्राधिकरण से जगह की मांग की है। इसी तरह से जयपुर की कावेरी मेंहदी और इंडियन टुबेको कंपनी द्वारा स्टेशनरी की दुकान लगाने की तैयारी है। दुकान के लिए इनके भी आवेदन आ चुके हैं। इधर मैकडोनाल्ड संस्थान ने यह कहते हुए मेला में आने से इंकार कर दिया कि वह पिज्ज,बर्गर की गुणवत्ता बनाकर नहीं रख सकेंगे। जबकि डोमिनो और पिज्जा-बर्गर संस्थान के आने की उम्मीद बनी हुई है। इंडियन कैफे हाउस इस बार भी अपना संस्थान लेकर आ रहा है।

1344 पक्की दुकानों में दाे सौ खाली बाकी पहले से बुक-

मेला परिसर में 1344 पक्की दुकानें बनी हुई हैं। इनमें से दो सौ दुकानें ऐसी हैं जो हर बार खाली रहती है। उसका कारण यह है कि यह दुकानें मेला थाने की ओर बनी हुई हैं। इस तरफ ग्राहकी कम होती है। इसलिए दुकानों का खर्चा भी ठीक से नहीं निकलता। इसको लेकर लोग इस ओर की दुकानें नहीं लेते। जबकि झूला सेक्टर , इलेक्ट्रोनिक मार्केट,लाठी,डंडे वालों की मार्केट, की ओर दुकानों की मांग अधिक रहती है। लेकिन इस ओर की दुकानें दुकानदार एक साल पहले ही बुक करा लेते हैं। जिसके कारण नए दुकानदार को इन क्षेत्रों में दुकानें उपलब्ध नहीं हो पाती है। इसको लेकर मेला में आने वाले नए व्यापारियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि मेला प्राधिकरण से कुछ लोगों ने 10 से लेकर 20 दुकानें ले रखीं है जो इन दुकानों से मोटा किराया बसूलते हैं। जबकि प्राधिकरण को इन दुकानों की बोली लगवानी चाहिए जिससे सभी को फायदा होगा।

खाली दुकानों को भरवाने में लगा प्राधिकरण-

मेला परिसर में खाली रहने वाली पक्की दुकानों को भरने की जुगत में प्राधिकरण लगा हुआ है। जयपुर की कावेरी मेंहदी को इस बार इन्हीं दुकानों में शाेरुम खुलवाना चाहता है,इसके साथ इलेक्ट्रोनिक मार्केट और आईटीसी की दुकान भी संचालित कराना चाहता है। जिससे इस ओर भी ग्राहकी बढ़े और दुकानें किराए से उठ सकें।

झूला सेक्टर सजने लगा है-

झूला सेक्टर और इलेक्ट्रोनिक बाजार सजने लगा है। इलेक्ट्रोनिक बाजार में शोरुम बन रहे हैं तो झूला सेक्टर में झूले कसने लगे हैं। प्रधिकरण का कहना है कि इस बार झूला सेक्टर की ओर इस बार दो सौ दुकानें नई बनाई जाएंगी। जिससे मेला प्राधिकरण की आय बढ़ सकें। क्योंकि इस वक्त सबसे अधिक दुकानों की मांग इस क्षेत्र में हाे रही हैं।

बाल रेल की जगह बनेगा होटल-

रेलवे द्वारा मेला परिसर में बाल रेल नहीं चलाई जाती है तो इस बार बाल रेल के स्थान पर होटल बनेगा। क्योंकि एक होटल प्रबंधन ने प्राधिकरण को आवेदन किया है। जिसमें उसने बाल रेल वाले स्थान की मांग की है। मेला प्राधिकरण का कहना है कि एक बार रेलवे प्रबंधन से बात और की जाएगी। यदि वह बाल रेल चलाने आते हैं तो ठीक नहीं ताे यह जगह होटल को उपलब्ध करा दी जाएगी।

इनका कहना है-

मेला प्राधिकरण में 1344 पक्की दुकानें है, बाकी 3सौ दुकानें कच्ची है। इनमें से दो सौ दुकानें हमेशा खाली रहती हैं। जबकि बाकी की दुकानें मेला समाप्ती के दौरान ही बुक कर ली जाती हैं। डोमिनो व पिज्जा बर्गर का संस्थान आने की उम्मीद है। झूला सेक्टर सजने लगा है। परिसर में अब तैयारियां तेज हो चुकी है।

निरंजन श्रीवास्तव , मेला सचिव

नाव झूला,घोड़ा वाला झूला सहित अन्य झूले भी आ चुके हैं। जो अगले कुछ दिन में सैलानियों के लिए तैयार हो जाएंगे। इस बार सबसे बड़ा नाव झूला लग रहा है जिसमें एक साथ डेढ़ सौ सैलानी झूल सकेंगे।

महेन्द्र भदकारिया , अध्यक्ष मेला व्यापारी संघ

Posted By: anil tomar

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