ग्वालियर। 'मैं धान की फसल की मेड़ पर भैंसे चरा रहा था। एक दम तेज आवाज सुनाई दी। देखा तो गांव के ऊपर जलता हुआ जहाज नजर आया। तेज आवाज हो रही थी। मुझे लगा कि गांव पर गिरा तो कोई नहीं बचेगा। अचानक विमान लड़खड़ाता हुआ खेत में आकर गिरा। जहाज के जलते टुकड़े दूर तक खेतों में फैल गए। बड़ी छतरी जैसी चीज (पैराशूट) से दो पायलट गिरे। एक के चोट ज्यादा थी, वो उठ नहीं पाए। दूसरे बैठ गए। उन्होंने फोन लगा दिया। जहाज गिरता देखकर गांव के लोग भी खेत की ओर दौड़े। जहाज गिरने के 20 मिनट में हेलिकॉप्टर से वायुसेना के अफसर आए। घायल पायलट को हेलिकॉप्टर से इलाज के लिए लेकर गए। यह कहना था कि मिग-21 क्रैश के सबसे पहले प्रत्यक्षदर्शी रामनिवास गुर्जर का"

गोहद के चौधरी का पुरा की घटना को लेकर माना जा रहा है कि विमान में खराबी आने और धुआं उठने के बाद कन्ट्रोल सिस्टम से संपर्क भी टूट गया था। भिंड और ग्वालियर जिले की सीमा पर बसे करीब एक दर्जन गांव के ऊपर विमान पूरी तरह अनियंत्रित था। धुआं उठते मंडराते प्लेन में पीछे की ओर आग भी लग चुकी थी।

दुर्घटनाग्रस्त विमान वायुसेना पुलिस की कस्टडी में

हादसे के बाद मौके पर पहुंचे महाराजपुरा वायुसेना स्टेशन के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ग्रुप कैप्टन जीएस सिंधु और राजन भाटिया ने एक दर्जन से ज्यादा वायुसेना अफसरों के साथ विमान के मलबे में पड़ताल की। आवश्यक वस्तुएं जुटाई गईं। आसपास के खेतों में पड़े विमान के टुकड़ों को एकत्रित कराया है। दिल्ली से दल आने तक विमान को वायुसेना पुलिस की कस्टडी में रहेगा। सहयोग के लिए गोहद पुलिस की टीम भी लगाई गई है।

2 किमी कीचड़ में नंगे पैर चलकर पहुंचे एसपी

आलोरी में चौधरी का पुरा गांव में विमान दुर्घटना के बाद वायुसेना की ओर से सूचना मिलते ही गोहद थाना टीआई तिमेश छारी मय बल के स्पॉट पर पहुंच गए थे। जिस खेत में मिग-21 विमान गिरा, उसके आसपास खेतों-रास्तों में पानी भरा हुआ था। हादसे ग्वालियर जिले के बॉर्डर पर हुआ था तो मुरार एसडीएम जयती सिंह भी कीचड़ में नंगे पैर स्पॉट पर पहुंची। दोपहर में एसपी रूडोल्फ अल्वारेस भी करीब 2 किमी नंगे पैर कीचड़ और नदी के पानी के बीच से होते हुए स्पॉट पर आए। एसपी ने महाराजपुरा वायुसेना स्टेशन के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ग्रुप कैप्टन जीएस सिंधु व राजन भाटिया से बातचीत की।

ब्लैक बॉक्स खोलेगा राज

चौधरी के पुरा में क्रैश हुए मिग-21 प्रशिक्षण विमान के हादसे के पूरे राज ब्लैक बॉक्स खोलेगा। यह विमान के पिछले हिस्से में होता है। विमान की सभी तरह की गतिविधियां इसमें रिकॉर्ड होती हैं। विमान कितनी ऊंचाई पर उड़ रहा था, ईंधन कितना था, स्पीड क्या थी, हलचल कैसी थी और विमान की केबिन का तापमान कितना था। इन जानकारियों समेत 88 तरह के आंकड़े रिकॉर्ड होते हैं। यह टाइटेनियम की धातु से बना होता है। इससे काफी ऊंचाई से गिरने या समुद्री पानी में गिरने से भी इसको कम से कम नुकसान पहुंचता है।

कीचड़ में फंसा वायुसेना का रेस्क्यू हेलिकॉप्टर

दुर्घटना से 20 मिनट बाद महाराजपुरा वायुसेना बेस से डॉक्टरों का दल लेकर स्पेशल हेलिकॉप्टर चौधरी का पुरा पहुंचा। खेत और आसपास इलाकों में तीन दिन से हो रही बारिश से पानी भरा था। ऐसे में हेलिकॉप्टर को खेत की कीचड़ में ही लैंड कराया गया। डॉक्टर ने प्राइमरी ट्रीटमेंट के बाद ग्रामीणों की मदद से हैलिकॉप्टर तक पहुंचाया। हेलिकॉप्टर उड़ाना मुश्किल हुआ।

मिग प्रशिक्षण का नेगी को लंबा अनुभव

ग्रुप कैप्टन यशपाल सिंह नेगी ने 16 दिसंबर 1995 में भारतीय वायुसेना को ज्वाइन किया था। ग्वालियर से पहले वह दिल्ली और श्रीनगर में मिग बायसन फाइटर जेट के प्रमुख पायलेटों में शामिल रह चुके हैं। उन्हें करीब 2685 घंटों की उड़ान का अनुभव है। रात्रि में विमान उड़ान की विशेष दक्षता के चलते ही उन्हें बालाकोट ऑपरेशन में शामिल किया गया था। उन्हें श्रीनगर बाढ़ में विशेष कार्यों के चलते वायु सेना पदक से भी राष्ट्रपति सम्मानित कर चुके हैं।

उड़ता ताबूत भी कहते हैं मिग को

मिग श्रेणी के सभी विमानों को वर्ष 2015 में रिटायर्ड करने की योजना थी। फिर इस डेड लाइन को बढ़ाकर वर्ष 2017 किया गया। इसे उड़ता ताबूत भी कहते हैं। जांच रिपोर्ट से स्पष्ट है कि अधिकांश हादसे तकनीकी खामी के कारण हुए।

विंग कमांडर अभिनंदन ने मार गिराया था एफ-16

करगिल युद्ध में मिग-21 की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं हाल ही में पाक एफ16 से लड़ाई में विंग कमांडर अभिनंदन इसी मिग का अपग्रेड वर्जन बायसन उड़ा रहे थे। उसी दौरान उन्होंने एफ-16 को मार गिराया था। जांच टीम हादसा स्थल से लेकर विमान के उड़ने और उसकी तकनीकी देखरेख करने वाली टीम और पायलट से विस्तृत पूछताछ कर ब्यौरा तैयार करेगी।

विमान का फ्लाइट डाटा रिकॉर्ड (एफडीआर) को मिग-27 की लैब भेजा जाएगा। इसमें खुलासा होगा कि विमान में तकनीकी खामी थी या मानवीय गलती। हादसे की रिपोर्ट वायुसेना मुख्यालय में डीजी इंस्पेक्शन व सेफ्टी को सौंपी जाएगी। वहां से इसे वायुसेना प्रमुख को भेजा जाएगा।

विमान जहां दुर्घटना ग्रस्त हुआ है वहां नजदीक ही हमारी धान की खेती है। अचानक से तेज धमाके हुए। धमाके की आवाज सुनकर मैं तो डरकर खेत में छिप गया। कुछ देर बाद निकला तो धुआं-धुंआ था। खेत में जहाज पड़ा था।

-नंदकिशोर गुर्जर, रहवासी, चौधरी का पुरा

आसमान में तेज आवाज आई। ऊपर देखा तो विमान पलटी खाता नजर आया। आग की लपटें निकल रही थी। जोरदार धमाके की 2 आवाजें आईं। चौधरी पुरा देखा तो खेत में जहाज नजर आया।

श्याम कुमार, रहवासी, चौधरी का पुरा

खेत से कुछ दूरी पर हमारा घर है। मैं तो घर के बाहर बैठा था। एकदम जहाज की तेज आवाज आई। कुछ समझ पाता इतनी देर में तो जोरदार 2 धमाके हुए। मैं इतना डर गया कि उस ओर देखने लगा।

-हरिओम गुर्जर, रहवासी, चौधरी का पुरा

Posted By: Saurabh Mishra

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