Gwalior Mihir Bhoj controversy News: ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। हाई कोर्ट की युगल पीठ ने बुधवार को सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के विवाद को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई की। कोर्ट ने स्टे बरकरार रखा है, लेकिन इस याचिका में गुर्जर समाज की ओर से भी अंतरिम आवेदन आए हैं, उनकी ओर से तर्क दिया गया है कि उन्हें इस मामले में सुना जाए। इन सभी अंतरिम आवेदनों पर 28 अक्टूबर को सुनवाई होगी। वहीं दूसरी ओर कमेटी की रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश नहीं हो सकी।

गोल पहाड़िया निवासी राहुल साहू ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। उन्होंने तर्क दिया है कि सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को लेकर दो समाजों में विवाद चल रहा है। इससे शहर में ला एंड आर्डर की स्थिति बिगड़ रही है। विवाद के चलते शहर में भय का माहौल बना हुआ है। इस स्थिति पर रोक लगाने प्रशासन को दिशा-निर्देश दिए जाएं। यहां बता दें कि दोनों समाजों के बीच बन रही विवाद की स्थिति को खत्म करने के लिए 24 सितंबर को दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद संभागायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी को तीन सप्ताह में अध्ययन करके अपनी रिपोर्ट पेश करनी थी, लेकिन अभी तक कमेटी की रिपोर्ट पेश नहीं हो सकी है। कोर्ट ने 28 अक्टूबर को फिर से सुनवाई निर्धारित की है। अंतरिम आवेदनों पर 28 अक्टूबर को सुनवाई होगी।

वीर गुर्जर महासभा ने भी पेश किया आवेदन: अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा ने अंतरिम आवेदन पेश किया है। गुर्जर समाज की ओर से एक और आवेदन आया है। वीर गुर्जर महासभा की ओर से पांच तर्क दिए गए हैं।

- संभागायुक्त की कमेटी में आचार्य वीरेंद्र विक्रम सिंह को शामिल किया जाए।

- कमेटी को शोध के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए।

- कोर्ट के आदेश पर प्रतिमा पर लिखे गुर्जर शब्द को ढंक दिया है, उससे पर्दा हटाया जाए।

-याचिकाकर्ता ने ला एंड आर्डर मेंटेन करने की मांग की थी। इसको लेकर कहीं अभ्यावेदन नहीं दिए, सीधे कोर्ट में याचिका पेश कर दी।

- जिस तरह से याचिका पेश की गई है, उस मुद्दे को इस तरह से नहीं सुना जा सकता है। इसलिए याचिका खारिज की जाए।

Posted By: anil.tomar

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