Gwalior Morar Hospital News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। मुरार जिला अस्पताल व प्रसूतिगृह में बिना सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं होता। सुविधा शुल्क देकर झूला मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने से लेकर गर्भवती का आपरेशन के भी पैसा पहले ही वसूल लिए जाते हैं। आपरेशन के बाद जच्चा के हाथ में बच्चा देने का भी मरीज के अटेंडेंट काे शुल्क अदा करना पड़ता है। यह रिश्वतखोरी का कांड सिविल सर्जन की आंखों के सामने चल रहा है । इन मामलों की कई बार शिकायत भी हुई, लेकिन हर बार सिविल सर्जन ने मामले को रफादफा कराकर मामला शांत कर दिया। लेकिन इस बार आशा कार्यकर्ता ने ही खुद मुरार प्रसूतिगृह में चल रहे गोरखधंधे की बात उठाई है और बिना रिश्वत के नवजात न देने की बात कही है।

यहां तक आरोप लगाया कि डाक्टर बिना रिश्वत के आपरेशन तक नहीं करते। लेकिन इस मामले में सिविल सर्जन मामले की टालमटोली करने में लगे हुए हैं। असल में दो दिन पहले पारसेन निवासी रचना गुर्जर को प्रसव के लिए परिजनों ने मुरार प्रसूती गृह में भर्ती कराया था। रचना ने दो दिन पूर्व सामान्य प्रसव से लडक़े को जन्म दिया। प्रसव के बाद ही लेबर रूम में मौजूद स्टाफ ने रचना के पति संजू गुर्जर से तीन हजार रुपए मांगे। इस पर संजू ने पैसे न होने की बात कही तो स्टाफ ने बच्चे को देने से मना कर दिया। जिस पर संजू ने अपने रिस्तेदारों से उधार मांग कर स्टाफ को पैसे दिए। इसी बात को लेकर संजू ने बुधवार को आरोप लगाए कि बिना पैसे के बच्चे को नहीं दिया जाता। इसके अलावा उपचार में भी लापरवाही बरती जाती है। हालांकि मामला बढ़ता देख अस्पताल में मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने मामले को शांत करा दिया। पारसेन की आशा कार्यकर्ता विमला का कहना है कि मुरार प्रसूती गृह में पदस्थ बाई द्वारा प्रसूताओं के परिजनों को अंदर कमरे में बुला कर ढ़ाई से तीन हजार रुपए तक वसूले जाते हैं। अगर परिजन पैसे नहीं देता तो उनके साथ अभद्र व्यवाहर किया जाता है। विमला ने यह भी आरोप लगाए कि बाई द्वारा जो रकम वसूली जाती है, वह सभी में बांटी जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा जब अवैध वसूली का विरोध किया जाता है तो उन्हें बाहर कर दिया जाता है, साथ ही अभद्रता भी की जाती है। उल्लेखनीय है कि बाई को चार माह पूर्व लेबर रूम से हटा दिया गया था, लेकिन फिर से उसे लेबर रूम में वापस पहुंचा दिया गया। अस्पताल में अवैध वसूली यहीं नहीं थमती। प्रसूता की जब छुट्टी की जाती है तो डिस्चार्ज टिकट देने से पहले 100 रुपए वसूले जाते हैं, अगर पैसे नहीं दिए गए तो डिस्चार्ज टिकट के लिए परेशान किया जाता है।

Posted By: anil tomar

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