ग्वालियर। Gwalior Murder in Gangwar : शहर में गैंगस्टरों का वर्षों पुराना काला इतिहास रहा है। तीन दशक में गैंगवार में कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। कई गैंगस्टर जेल में हैं, लेकिन इनसे उपजी शाखाएं ही परमाल तोमर जैसे बदमाश हैं। गैंगवार में मुन्ना सिंह तोमर, भगवानदास कमरिया, रमन तिवारी, रामप्रकाश यादव, रामखिलाड़ी गुर्जर, टिंकू तोमर व विनोद राणा जैसे गैंगस्टरों के परिवार व नजदीकी लोगों की चिताएं जल चुकी हैं।

इन गैंगों से जुड़े कुछ बदमाश पुलिस की गोली का निशान बन चुके हैं। हरेंद्र राणा सहित कई बदमाश जेल में रहकर अपनी गैंग ऑपरेट कर रहे हैं। पुलिस तमाम कोशिशों के बाद भी इन पर लगाम नही कस पाई है। तानसेन रोड पर पिछले साल हुई अभिषेक तोमर की हत्या भी इसी गैंगवार का नतीजा थी। इन गैंगों को शहर में राजनीतिक संरक्षण रहा है। मृतक पंकज सिकरवार के परिजन भी खुलेआम एक कांग्रेस नेता पर हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगा रहे हैं।

रमन व संजय के पास थे गार्ड, रात में लौटे

पंकज की हत्या में नामजद रमन चौहान और संजय तोमर को पुलिस ने सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराया था। दोनों के गनरों ने बुधवार देर रात पुलिस लाइन में वापसी करा दी है। आरआई देवेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों के साथ सुरक्षा गार्ड थे। उनकी वापसी हो गई है। पुलिस अधिकारी भी इन गार्डों से बात कर चुके हैं। दूसरी तरफ संजय की मां सुशीला देवी ने आईजी को आवेदन देकर जांच की मांग की है। उनका कहना है गनर के साथ उनका बेटा बुधवार को घर पर ही था।

फेसबुल पर अपडेट था परमाल

परमाल माया फिल्म से प्रभावित है। उसने फेसबुक पर बेखौफ गैंगस्टर के नाम से गाना टैग किया है। इसके अलावा उसने 9 जुलाई को अपना फोटो अपडेट किया है।

Posted By: Saurabh Mishra