वरुण शर्मा. ग्वालियर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान के सामने वाणिज्यिक कर विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी का ग्वालियर सहित दूसरी जगहों पर सिंडिकेट बनाकर महंगी दामों पर शराब बेचने की शिकायत सही निकली है। आबकारी विभाग के मुख्यालय जिला ग्वालियर में शराब कारोबारी सिंडिकेट बनाकर एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) से ज्यादा पर खुलेआम शराब बेच रहे हैं। शराब की कालाबाजारी 10 से 20 फीसद तक सामने आई है। शराब दुकान संचालक ताल ठोककर कह रहे हैं कि ग्वालियर में शराब सिंडिकेट है, कहीं भी सस्ती शराब नहीं मिलेगी। नईदुनिया ने मंगलवार को शराब दुकानों का स्टिंग आपरेशन किया, जिसमें यह कालाबाजारी सामने आई। इतने बड़े पैमाने पर शराब के मनमाने दामों ने आबकारी विभाग से लेकर प्रशासन तक पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। हैरत की बात यह भी है कि आबकारी विभाग के आयुक्त राजीव चंद्र दुबे का महंगी रेट में शराब बेचे जाने पर कहना है कि-अगर एमआरपी से शराब ज्यादा बिक रही है तो लोग न खरीदें।

नईदुनिया स्टिंग: ऐसे हुआ खुलासा

स्टिंग 1: सिटी सेंटर शराब दुकान

नईदुनिया की टीम मंगलवार को सिटी सेंटर स्थित शराब दुकान पहुंची। यहां रेट लिस्ट बाहर लगी हुई थी। रेट लिस्ट के आधार पर 1050 रुपये कीमत की रायल स्टैग शराब की बोतल 1200 रुपये में बेची जा रही थी। टीम ने कारण पूछा कि यह तो एमआरपी से भी ज्यादा बेच रहे हो तो कहा कि सभी जगह यही रेट मिलेगा। एमआरपी तो भूल जाओ।

स्टिंग 2: स्टेशन बजरिया दुकान

यहां टीम ने शराब दुकान संचालक से शराब की बोतलों के दाम पूछे और सीग्राम की रायल स्टैग के रेट पूछे,संचालक ने कहा कि 1200 रुपये की है। टीम ने कहा कि एमआरपी तो 1070 है फिर कैसे इतने दाम में शराब बिक रही है। संचालक ने दो टूक कहा कि कहीं भी शराब इससे कम में नहीं मिलेगी। 1200 रुपये की ही सभी जगह मिलेगी।

स्टिंग 3: थाटीपुर रोड दुकान

थाटीपुर शराब दुकान रोड पर नईदुनिया टीम ने रायल स्टैग शराब की बोतल मांगी तो दुकानदार ने कहा अभी नहीं है। टीम ने कहा कि सिटी सेंटर दुकान पर एमआरपी से ज्यादा यह शराब ब्रांड बिक रहा तो दुकानदार ने कहा कि हम भी 1200 रुपये की यानी एमआरपी 1070 से ज्यादा की बेचते हैं।

स्टिंग 4: शिंदे की छावनी दुकान

यहां रेट लिस्ट के आगे स्टिकर जैसा चिपका दिया गया था। रायल स्टैग शराब की बोतल यहां 1200 रुपये की बेची जा रही थी और जब कारण ज्यादा दाम का पूछा तो दुकानदार ने कहा कि मेरे सेठ ने जैसा बेचने को कहा है हम वही कर रहे हैं।

सबसे ज्यादा प्रचलित,इसलिए उस ब्रांड में ठगी

सभी शराब दुकानों पर पड़ताल के बाद यह सामने आया कि एक ब्रांड जो ज्यादा प्रचलन में है,उसके दाम एमआरपी से ज्यादा पर बेचे जा रहे हैं। वहीं इसके बाद चलने वाले कुछ ब्रांडों को एमआरपी पर भी बेचा जा रहा है।

जबलपुर में महंगी शराब बेचने पर 8 दुकान निलंबित

जबलपुर में मंगलवार को शराब दुकानों पर महंगी रेट में शराब बेचने पर आठ शराब दुकानों को निलंबित कर दिया गया। वीडियो सहित पूरा इनपुट कलेक्टर तक पहुंचा था जिसके बाद कलेक्टर ने यह कार्रवाई की।

एमआरपी से ज्यादा तो न खरीदें

शराब की दुकानों पर एमआरपी से ज्यादा शराब बिक रही है तो लोग शराब न खरीदें। रेट लिस्ट के आधार पर ही खरीदें। इसमें ज्यादा जानकारी के लिए स्थानीय अफसरों से बात की जाए।

राजीव चंद्र दुबे,आयुक्त,आबकारी विभाग,मप्र

कार्रवाई जारी हैं

नए ठेके होने के बाद से ज्यादा रेट पर शराब बेचने के मामले में 19 दुकानों पर अभी तक निलंबन की कार्रवाई निर्धारित अवधि के लिए की गई है। अन्य मामलों में 55 से ज्यादा केस बनाए गए हैं। यहां शराब के ठेके एक ही कंपनी के पास है, इसलिए ऐसी शिकायतें ज्यादा आती हैं। शिकायत मिलते ही हम कार्रवाई करते हैं।

संदीप शर्मा,सहायक आयुक्त, आबकारी,ग्वालियर

Posted By: anil.tomar

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