ATM Fraud : ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। यदि आप ने लॉकडाउन के बीच लंबे समय से अपना बैंक अकाउंट ऑपरेट नहीं किया है तो जरूर कर लें। क्योंकि एक असिस्टेंट प्रोफेसर के खाते से 1 लाख 9 हजार रुपये ठग लिए गए हैं, जबकि खाता धारक का एटीएम कार्ड उनके पास है। उन्होंने किसी से कोई डिटेल शेयर नहीं की। आखिरी बार 20 मार्च को एटीएम का उपयोग किया था। अब रुपयों की जरूरत पड़ी और एटीएम से रुपये नहीं निकले तो वह बैंक पहुंचीं तब घटना का पता लगा। ठगों ने 25 दिन में 47 ट्रांजेक्शन कर रुपये निकाले हैं। सभी ट्रांजेक्शन दिल्ली में एटीएम से किए गए हैं। इस दौरान महिला को न तो मोबाइल पर कोई मैसेज आया न ही बैंक कोई जवाब दे रहा है। मामले की शिकायत ग्वालियर थाने में की है। पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज किया है।

उपनगर ग्वालियर के न्यू गायत्री नगर निवासी 41 वर्षीय पल्लविका पुत्री संतोष कुमार शासकीय महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उनका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तानसेन नगर ब्रांच में खाता है। जिसका एटीएम कार्ड हमेशा उनके पास ही रहता है। अभी 17 जून को उनको दवा खरीदने के लिए रुपये चाहिए थे। उन्होंने एटीएम कार्ड का उपयोग कर रुपये निकालने का प्रयास किया, लेकिन बार-बार पिन गलत बता रहा था। जिस पर वह घर आ गईं और अगले दिन बैंक पहुंचीं।

बैंक पहुंचने पर पता लगा कि उनके खाते से 1 लाख 9 हजार 418 रुपये निकल गए हैं। इस पर उन्होंने बैंक प्रबंधन से बात की। पहले तो बैंक अधिकारी यहां वहां बातें करते रहे। आखिरी में उन्होंने बताया कि उनके खाते से यह रकम 3 अप्रैल से 28 अप्रैल के बीच दिल्ली में निकाली गई है। इसके बाद पल्लविका ने बताया कि उनका एटीएम कार्ड उनके पास है। किसी का कोई मैसेज भी नहीं आया। बार-बार खाते से रुपये कोई निकालता रहा और उनके पास एक भी मैसेज नहीं आया। यह कैसे हो सकता है। इस पर बैंक प्रबंधन ने कोई जवाब नहीं दिया। पीड़िता ने दस्तावेज के साथ ग्वालियर थाने में शिकायत की। पुलिस ने रविवार रात को मामला दर्ज किया है।

25 दिन में 47 ट्रांजेक्शन

पल्लविका ने बताया कि 25 दिन में 47 ट्रांजेक्शन एटीएम से हुए, इसके बाद भी बैंक में उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक भी अलर्ट मैसेज नहीं आया। जबकि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है। महिला ने पूरी घटना में बैंक प्रबंधन को सवालों के घेरे में रखा।

एटीएम क्लोन व मोबाइल नंबर से भी छेड़छाड़

महिला ने आखिरी बार 20 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा से पहले एटीएम का उपयोग कर खाते से 10 हजार रुपये निकाले थे। इसके बाद 17 जून को एटीएम कार्ड का उपयोग किया तो पिन गलत बता रहा था। पुलिस को आशंका है कि तभी उनके कार्ड का क्लोन बना होगा। उनके मोबाइल नंबर को भी हैक कर नया पिन बनाया है। जिससे उनके पास मैसेज भी नहीं आए हैं।

Posted By: Prashant Pandey

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