Gwalior News: ग्वालियर (नईदुनिया)। शहर में स्मार्ट एलईडी लाइट लगाने की योजना अब फेल होती नजर आ रही है। स्मार्ट सिटी द्वारा एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेस लिमिटेड (इइएसएल) के माध्यम से शहर में 60 हजार लाइटें लगाई जा रही हैं। टेंडर की शर्तों के मुताबिक ये स्मार्ट एलईडी शाम होते ही चालू और तड़के बंद हो जानी चाहिए, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। इसके अलावा एक ही डैशबोर्ड पर 60 हजार लाइटों की स्थिति नजर आनी चाहिए, ताकि कोई लाइट खराब होने पर उसे तत्काल ठीक कराया जा सके। वर्तमान में सिर्फ 20 हजार लाइटें ही डैशबोर्ड पर नजर आ रही हैं। इसके अलावा नई लाइटें ही खराब निकल रही हैं। ऐसे में स्मार्ट सिटी के अफसरों ने इइएसएल के प्रतिनिधियों से बात कर इस समस्या का समाधान करने के लिए कहा है।

स्मार्ट सिटी के अफसरों ने शहर की गली-गली को रोशन करने के लिए 26 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट एलईडी लगाने की तैयारी की थी। यह परियोजना 10 माह पहले शुरू की गई थी, लेकिन अब यह अफसरों के लिए ही सिरदर्द बनती चली जा रही है। स्मार्ट सिटी द्वारा ठेकेदार से एलईडी लेकर नगर निगम के अमले से इन लाइटों को अलग-अलग इलाकों में लगवाया जा रहा है। अफसरों का दावा था कि ये लाइटें सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मानिटरिंग सिस्टम (सीसीएमएस) के माध्यम से संचालित होंगी, यानी कि एक ही डैशबोर्ड पर सभी लाइटों की लोकेशन और चालू-बंद होने की स्थिति का पता चल सकेगा। इस आधार पर जैसे ही कोई लाइट खराब होगी, वैसे ही उसे ठीक कर दिया जाएगा। इसके अलावा यह लाइटें तय समय पर चालू और बंद हो जाएंगी, लेकिन इनमें से कोई भी दावा पूरा नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि न तो टाइमर लोड ले पा रहे हैं और न ही एक डैशबोर्ड पर सभी लाइटों की स्थिति नजर आ रही है। ऐसे में कर्मचारियों को स्वयं जाकर लाइटें चालू और बंद करना पड़ती हैं।

हर 100 में से 30 लाइट खराबः वर्तमान में यह स्थिति है कि नगर निगम के विद्युत विभाग के कर्मचारी जाकर ये लाइटें लगा रहे हैं। नई लगने वाली हर 100 में से 30 लाइटें खराब निकल रही हैं। इसके अलावा लाइट लगाने के बाद हर 15 दिन में इनके खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में कर्मचारियों को बार-बार जाकर लाइटें बदलना पड़ रही हैं। ऐसे में कई इलाकों में तो लोग वापस से सोडियम लाइटें लगाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि वे चार से छह माह तक चलती हैं।

बढ़ रही सीएम हेल्पलाइन की शिकायतेंः वर्तमान में एलईडी लाइटें खराब होने पर लोग नगर निगम के विद्युत विभाग के कर्मचारियों को फोन करते हैं। असल में शिकायतें इतनी अधिक हैं कि विद्युत कर्मचारी इनका निराकरण ही नहीं कर पा रहे हैं। निराकरण न होने पर लोग सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। इससे शिकायतों की पेंडेंसी बढ़ती चली जा रही है। यही कारण है कि गत 20 जून को जारी हुई रिपोर्ट में 16 नगर निगमों में ग्वालियर सबसे निचले पायदान पर था।

वर्जन-

यह सही है कि स्मार्ट एलईडी लाइटें ठीक से काम नहीं कर रही हैं और डैशबोर्ड पर भी नजर नहीं आ रही हैं। ऐसे में हमने लोकल वेंडर और इइएसएल के अफसरों से बात कर इस समस्या का निराकरण कराने के लिए कहा है। आगामी शुक्रवार को इस संबंध में इइएसएल के आला अधिकारियों के साथ बैठक भी की जाएगी।

नीतू माथुर, सीईओ स्मार्ट सिटी

Posted By: vikash.pandey

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