ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रक्षा अनुसंधान एवं विकास स्थापना (डीआरडीई) को राज्य सरकार से भले ही दो महीने पहले 140 एकड़ जमीन एक रुपये के भू-भाटक पर आवंटित हो गई है, लेकिन अभी तक डीआरडीओ मुख्यालय से कंफर्मेशन जारी नहीं की है। ग्वालियर के सिटी सेंटर में नौ हजार करोड़ की संपत्तियों को बचाने के मकसद से की गई इस कवायद को आखिरी सिग्नल मुख्यालय की ओर से ही मिलेगा। राज्य सरकार की ओर से हुए आवंटन के प्रस्ताव को डीआरडीई की ओर से तत्काल ही डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) को भेज दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई अपडेट नहीं मिला है। कुल मिलाकर आवंटन होने के बाद भी अभी तक डीआरडीई लैब शिफ्टिंग का मसला जस का तस है।

सिटी सेंटर स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास स्थापना (डीआरडीई) के 200 मीटर के दायरे में आने वाली नौ हजार करोड़ की संपत्तियों पर खतरा था, लेकिन राज्य सरकार ने अगस्त में मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी जारी कर दी थी। इसमें केंद्र, राज्य से लेकर निजी संपत्तियां शामिल हैं। जून 2020 में भेजे गए अंतिम प्रस्ताव को आखिरकार मंत्रिमंडल ने हरी झंडी दे दी। आवंटन के बाद अब डीआरडीओ मुख्यालय की मंजूरी का इंतजार है।

डीआरडीईः यह था पूरा मामला

डीआरडीई के 200 मीटर के दायरे में आने वाली संपत्तियों को तोड़ने के लिए हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे जिसमें निजी संपत्तियों सहित राज्य व केंद्र की संपत्तियां भी आ रही थीं। सुप्रीम कोर्ट ने 25 अक्टूबर को हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें तुड़ाई के आदेश दिए गए थे। रोक लगाने से सिटी सेंटर व आसपास के क्षेत्र की नौ हजार करोड़ की संपत्ति टूटने से बच गईं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र शासन, याचिकाकर्ता, डीआरडीई के डायरेक्टर, नगर निगम व कलेक्टर से जवाब तलब भी किया गया था। राजेश भदौरिया ने 2015 में डीआरडीई के 200 मीटर के दायरे में अवैध निर्माण के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने इस जनहित याचिका का निराकरण 28 मार्च 2019 को किया था और नगर निगम व प्रशासन को आदेश दिया था कि 2005 के बाद 200 मीटर के दायरे में जितने भी अवैध व वैध शासकीय और निजी भवन हैं उन्हें तोड़ा जाए। इस आदेश के बाद 142 निर्माणों पर टूटने का खतरा मंडराने लगा। शासन व निगम ने पुनर्विचार याचिका भी लगाई जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी लगाई और सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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