शहर में सफाई का अनुबंध करने के बाद विगत 10 दिनों से कार्य नहीं कर रही ईको ग्रीन कंपनी के 5 स्टेशनों पर पहुंचकर नगर निगम अधिकारियों ने चालू हालात वाले 90 वाहनों को जब्त किया। वहीं ईको ग्रीन में कार्यरत्त 485 कर्मचारियों को नगर निगम आयुक्त ने निगम में अकुशल, कुशल व अर्द्वकुशल श्रेणी में नौकरी देने की बात भी कही। सोमवार से ईको ग्रीन कंपनी के वाहनों से शहर से कचरा उठाया जाएगा।

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने शनिवार को शहर से कचरा साफ नहीं होने के चलते धारा 144 लागू कर दी थी। साथ ही निगम को आदेश दिया था कि शहर में सफाई करने की जिम्मेदारी उनकी है। रविवार को नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन के निर्देशन में नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन, अपर आयुक्त नरोत्तम भार्गव, व सतपाल सिंह चौहान, गौरव परिहार आदि अधिकारियों ने वाहनों की जांच कर उन्हें जब्त किया। यह कार्रवाई देर रात 10 बजे तक चलती रही।

इन स्टेशनों से इतने वाहन हुए जब्त

नगर निगम के अधिकारियों ने ईको ग्रीन के 5 स्टेशनों पर पहुंचकर वाहनों को जब्त किया।

स्थान टिपर आर सी बोलेरो ट्रेक्टर ट्रॉली

नारायण विहार 9 01 01 00

मेला ग्राउण्ड 16 01 04 00

आदर्श मिल 21 00 00 00

वीरपुर 11 00 03 01

एमपी एग्रो 20 00 02 00

आदर्श मिल पर हुआ विवाद

आदर्श मिल पर वाहन जब्त करने पहुंचे नगर निगम के अमले को देखकर ईको ग्रीन के कर्मचारी भड़क गए। इसके बाद कुछ कर्मचारियों ने वाहनों की चाबियां निकाल ली और भाग गए। इसकी जानकारी अधिकारियों को मिलने के बाद मौके पर पहुंचे। साथ ही ईको ग्रीन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आकर्षदत्त शर्मा भी पहुंचे। वहां पर उन्होंने कर्मचारियों को समझाया जिसके बाद हंगामा शांत हुआ। तब जाकर नगर निगम के कर्मचारियों ने 6 वाहनों को धक्का देकर चालू किया और 6 वाहनों को डुप्लीकेट चाबी से चालू कर जब्त किया।

कंपनी के वाहन हुए जब्त लेकिन त्यौहार पर बची रहेंगी नौकरी

ईको ग्रीन कंपनी के कर्मचारियों को नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन ने नगर निगम में अस्थाई नौकरी देने की बात कही है। इन सभी कर्मचारियों को इनके दस्तावेज देखकर कार्य पर रखा जाएगा। साथ ही इन कर्मचारियों से उसी प्रकार से कार्य कराया जाएगा जिस प्रकार से कर्मचारी ईको ग्रीन कंपनी में रहते हुए कचरा संग्रहण का कार्य करते थे।

वर्जन

ईको ग्रीन कंपनी कार्य करना चाहती है, लेकिन चीन की कंपनी ने सहयोग देना बंद कर दिया है। भारत और चीनी कंपनी के बीच हुए अनुबंध के अनुसार कचरे से बिजली बनने तक 40 प्रतिशत राशि नगर निगम व भारत सरकार देती जबकि 60 प्रतिशत चीनी कंपनी देती। नगर निगम द्वारा मिली राशि से हमने वेतन दे दिया। लेकिन चीन की ओर से मदद मिलना पूरी तरह से बंद हो गई है।

आकर्षदत्त शर्मा

प्रोजेक्ट इंचार्ज ईको ग्रीन कंपनी

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