• ग्वालियर में 2018 पर सड़कों पर उतरी स्मार्ट सिटी की बसें अब तक नहीं दौड़ पाईं

ग्वालियर (नईदुनिया)। प्रदेश के चार प्रमुख शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के मामले में सबसे खराब स्थिति ग्वालियर की है। भोपाल और इंदौर में मेट्रो ट्रेन के लिए तेजी से कार्य हो रहा है, जबकि यहां सड़कों पर सिटी बसें तक अफसर नहीं चला पाए हैं। 2018 में ग्वालियर की सड़कों पर स्मार्ट सिटी की बसें आकर खड़ी हो गईं। पिछले साल इसी महीने में तत्कालीन कांग्रेस नेता (अब राज्य सभा सदस्य) ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 12 स्मार्ट सिटी की बसों को हरी झंडी दिखाई और खुद भी बस चलाई थी, लेकिन शहर की सड़कों पर आमजन के लिए नहीं दौड़ा पाए। वहीं, संभागायुक्त, कलेक्टर, सीइओ स्मार्ट सिटी शहर से टेंपो तो बाहर करा नहीं सके, बसें दौड़ाना तो दूर की बात।

स्मार्ट सिटी: बस सेवा का स्टेटस

स्मार्ट सिटी की बसें इंट्रा सिटी और इंटरसिटी दोनों रूटों पर निर्धारित हैं। इंटरसिटी यानी ग्वालियर से बाहर के शहरों के लिए सेवा तो भी चल रही है, लेकिन शहरी क्षेत्र में दो रूटों पर बसों की रफ्तार ही नहीं बन पाई है। ग्वालियर के दो रूट पर अफसर 12 बसें नहीं चला पा रहे। 2018 में स्मार्ट सिटी की बसों को चलाना शुरू किया गया था तब दो से तीन ही बसें मिली थीं। 2019 में मई-जून में बसों को थोड़ा आपरेशनल कर पाए और इससे पहले टेंपो-आटो यूनियन का विरोध और लोकल बस आपरेटरों की रुकावट भी झेलना पड़ी। बसें इसके बाद नहीं दौड़ी।

बसों के रूट

ग्वालियर से बाहर के लिए : गुना,श्ािवपुरी, दतिया और इंदौर

कितनी बसें: कुल आठ बसें चलाने का दावा

ग्वालियर शहर के रूट: डीडी नगर से बाड़ा, पुरानी छावनी से बाड़ा

कितनी बसें: 12 बसें, चल 6 भी नहीं रहीं

टेंपो-ऑटो ढेर, फीडर रूट पर नहीं चलवा रहे अफसर

ऑटो की संख्या: 9500

टेंपो-विक्रम की संख्या: 2500 करीब

ई-रिक्शा: 1800

प्राइवेट बसें: 300

फीडर रूट: यह ऐसे रूट होते हैं, जहां आमजन के लिए सवारी वाहन नहीं मिलते हैं और रोजमर्रा का आवागमन भी ज्यादा है,पीक रूटों पर बसों को दौड़ाकर फीडर रूट पर टेंपो चलाए जाएं।

इंदौर-भोपाल आगे बढ़े, हम पीछे होते गए

इंदौर में मेट्रो ट्रेन के लिए पूरी मैपिंग,टर्मिनल खुदाई कार्य किया जा रहा है,स्टेशन तय हो गए हैं। 2023 में मेट्रो ट्रेन का संचालन कर दिया जाएगा। क्षेत्रीय सांसद हर माह मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हैं। भोपाल मंे भी 2023 में मेट्रो ट्रेन दौड़ाने का लक्ष्य है। इन पोल,एलिवेटेड रूट डालने सहित विभिन्न् सिविल वर्क चल रहे हैं। ग्वालियर में अभी सिटी बसें अपने रूटों पर नहीं आ पाई हैं,जबकि शहर का पब्लिक ट्रांसपोर्ट ही सबसे अहम होता है।

आज सिंधिया करेंगे स्मार्ट सिटी की समीक्षा

राज्य सभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार को स्मार्ट सिटी के कार्याें की समीक्षा करेंगे। यह बैठक तीन घंटे चलेगी। वहीं इसके बाद स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों का भी मौका मुआयना करेंगे।

हां, हम उपयोग नहीं कर पाए सिटी बस

स्मार्ट सिटी की बसों का हम उपयोग नहीं कर पाए यह सही है। लोकल ट्रांसपोर्ट संचालकों के साथ तालमेल नहीं अधिकारी बैठा सके। वहीं भोपाल और इंदौर का विस्तार सुनियोजित हुआ जो ग्वालियर का नहीं हुआ, इसलिए वहां आज मेट्रो ट्रेन का प्रोजेक्ट चल रहा है। सिटी बसें चलाने के लिए हम प्रयास करेंगे।

विवेक शेजवलकर,सांसद,ग्वालियर

Posted By: anil.tomar

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