ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नक्सल व उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में रेलवे के करोड़ो के प्रोजेक्ट अटके हुए हैं। यहां ट्रेनों का सुरक्षित संचालन बड़ी परेशानी बना हुआ है। इससे निपटने के लिए रेलवे बोर्ड ने अब आरपीएफ की कोरस कमांडो दस्ते का गठन किया है। इसमें 120 जवान शामिल होंगे, सिपाही स्तर का अमला अंडर 30, जबकि अधिकारी भी 35 साल से अधिक उम्र के नहीं होंगे।

इस दस्ते की पहली पोस्िटग नक्सल प्रभावित क्षेत्र छत्तीसगढ़ में की गई है। इस टीम में झांसी मंडल से भी एक उपनिरीक्षक को शामिल किया गया है। अगले चरण में ग्वालियर से भी कुछ जवानों को शामिल किए जाने की खबर है।

रेल मंत्री ने 14 अगस्त को कोरस कमांडो दस्ता यूनिट का शुभारंभ किया है। यह टीम सीधे डीजी को रिपोर्टिंग करेगी। कोरस कमांडो का काम रेलवे के अधूरे प्रोजेक्ट को सुरक्षित तरीके से पूरा कराने का होगा। साथ ही जिन क्षेत्रों से खनिज संपदा ट्रेनों के जरिए परिवहन होती है, उनका बेरोकटोक परिवहन और ट्रेनों का सुरक्षित तरीके से संचालन कराना होगा।

आरपीएफ ने ऐसे कुछ प्वाइंट चि-ति किए हैं, जहां पर रेलवे को काफी परेशानी आ रही है। इसमें आसाम, झारखंड, छत्तीसगढ़ के अलावा कुछ अन्य इलाके भी हैं। पहली टीम जो छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा एवं जगदलपुर इलाके में भेजी गई है, उसमें झांसी मंडल आरपीएफ से उपनिरीक्षक अमित यादव को भी शामिल किया गया है।

परफार्मेंस से होगा निर्धारणः कोरस कमांडो टीम में जिन जवानों को शामिल किया गया है, उनको यदि हमेशा टीम में बने रहना है तो परफार्मेंस बेहतर होना जरूरी है।

यदि काम नहीं किया तो टीम से आउट कर दिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो 28 को एक दस्ता बिहार भी भेजा जाना है। जिसके लिए एक अन्य टीम का गठन होगा। इसमें ग्वालियर आरपीएफ से भी कुछ जवानों को लिया जा सकता है। आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसके लिए देश भर के आरपीएफ पोस्ट से बेहतर जवानों की जानकारी मंगा ली है।

हरियाणा में हो रही ट्रेनिंगः कोरस कमांडो की ट्रेनिंग हरियाणा के जगदारी में 9वीं बटालियन आरपीएफ में हो रही है। जिन का सिलेक्शन इस दस्ते के लिए होगा पहले उनको यहां पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही जवान पूरी तरह से अत्याधुनिक हथियारों से लैस होंगे।

कोरस कमांडो की तैनाती उन इलाकों में की जाएगी, जहां पर रेलवे को कुछ परेशानी आ रही है। यह दस्ता 120 कमांडो का होगा। पहले दस्ते में झांसी मंडल से एक एसआई को शामिल किया गया है। परफार्मेंस के आधार पर ही इसमें जवानों की तैनाती होगी। उमाकांत तिवारी, कमांडेट आरपीएफ

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